सहारनपुर के गंगोह में हजरत कुतबे आलम शेख अब्दुल कुद्दूस के 493वें उर्स की रस्मों की शुरूआत करते हुए सोमवार शाम और मंगलवार सुबह दरगाह शेख सादिक और मामू मोलाबख्श में जुलूस के साथ लाकर चादर शरीफ चढ़ाई गई।
शाह अता मंजिल में महफिले सीरते औलिया अल्लाह, कुल शरीफ और कव्वाली का आयोजन किया गया। मंगलवार सुबह शाह अता मंजिल से सज्जादानशीं हकीम जफर कुदुसी और नायब सज्जादानशीं आसिम कुद्दुसी की अगुवाई में जुलूस चादर शरीफ निकाला गया।
सैकड़ों जायरीन कव्वालियों पर झूमते गाते दरगाह हजरत शेख सादिक और मामू मोलाबख्श पर पहुंचे और मजार मुबारक पर चादर चढ़ाई। दरगाह के सज्जादानशी इरशाद रब्बानी ने उनकी अगवानी की। बाद नमाज लंगर वितरित किया गया।
कलियर शरीफ के सज्जादा नशीं शाह मंसूर एजाज, अहसान साबरी कानपुरी, रुप शाह, इशरत, तारिक फारुकी, अजहर मियां कुद्दूसी, शाह बहजाद साबरी, आसिफ कुददूसी, राशिद वकील आदि शामिल रहे।
शाह अता मंजिल पर सज्जादानशीं हकीम शाह जफर कुददूसी ने भगतों की दस्तारबंदी की। हजरत मामू मोलाबख्श एवं माता लाड़ो रानी सेवा समिति के गद्दीनशीं चंद्रपाल, दुसानी, राजकुमार, जगदीश, रामलाल, जयकुमार सहित अनेकों स्थानों से आए गद्दी नशीनों द्वारा नगर में विभिन्न स्थानों पर गद्दियां लगाई है।
लाडोरानी की मजार पर भी शृंगार का सामान और झाडू चढाई गई। इसके बाद दस्तारबंद कव्वाल नासिर एंड पार्टी सहित कव्वालों ने सूफीयानां समां बांधा।
उधर, शाह अता मंजिल में सीरते औलिया अल्लाह पर आयोजित महफिल में मुहम्मद अहमद द्वारा तिलावते कलाम पाक और नौशाद साबरी एवं अनवर साबरी द्वारा नाते पाक पेश की गई।
महफिल में शाह महताब आलम, मसरुर साबरी, हकीम वासिफ कादरी, सैय्यद तारिक कादरी ने औलिया अल्लाह के जीवन पर प्रकाश डाला। संचालन अनवर साबरी ने किया।