सहारनपुर। बैंडबाजों संग मंगल कलश यात्रा निकालकर नौ दिवसीय अष्टोत्तर शत, नवकुंडीय यज्ञ, श्रीमद्भागवत कथा, गऊ पूजन का साउथ सिटी में शुभारंभ हो गया। प्रभु जी के परिवार की ओर से निकाली गई शोभायात्रा का पुष्प वर्षा से महानगर में जोरदार स्वागत हुआ। प्रभु श्री कृष्ण और श्री राम के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
तहसील शिव मंदिर के निकट स्थित भगत सिंह कॉलोनी से प्रभु जी का परिवार के अध्यक्ष पंडित अभिषेक कृष्णात्रेय और आचार्य संजीव शास्त्री के सानिध्य में बैंडबाजों संग मंगल कलश यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं पीले वस्त्र धारण कर मंगल कलश लेकर चलीं। इसके साथ ही 250 ब्राह्मण, 100 दंडी स्वामी शामिल हुए। शोभयात्रा में सबसे भगवान श्री गणेश का रथ और दो युवक धर्म ध्वज लेकर चल रहे थे। उनके पीछे विप्र परिवार के सदस्य और यजमान श्रीमद्भागवत शिरोधार्य कर चल रहे थे। इनके पीछे से महिलाएं मंगल कलश लेकर चल रहीं थीं। सबसे पीछे कथावाचक जगतगुरु स्वामी राघवाचार्य महाराज रथ में सवार थे। यात्रा भगत सिंह कॉलोनी से शुरू होकर तहसील शिव मंदिर, कलक्ट्रेट तिराहा सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए दिल्ली रोड स्थित साउथ सिटी पहुंचकर संपन्न हुई, जहां पर श्रीमद्भागवत का पूजन हुआ। तत्पश्चात डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल और गुरप्रीत सिंह बग्गा सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित किए। इस मौके पर पूर्व विधायक राजीव गुंबर व पूर्व भाजपा महानगर अध्यक्ष अमित गगनेजा ने भी पूजा अर्चना कराई। इससे पूर्व साउथ सिटी के बाहर पूर्व सांसद राघव लखन पाल शर्मा और उनके भाई राहुल लखन पाल शर्मा ने पुष्प वर्षा से शोभायात्रा का स्वागत किया। इस दौरान यजमान ओम प्रकाश फुटेला, रमन मक्कड़, प्रणव मक्कड़, पवन मक्कड़, हंस चुग, संजय वर्मा, अनिल शर्मा, अशोक शर्मा, प्रवीण शर्मा, संजय ठक्कर, सुरेंद्र ठक्कर, पंडित संजीव शास्त्री, अमित, पंडित कमल नैन वेदपाठी, योगेश गोनियाल, विजेंद्र शास्त्री, आचार्य जय प्रकाश, श्रवण शास्त्री, संजय शास्त्री, नागेश्वर शास्त्री, विनोद शास्त्री, नेहा जिंदल, रिंपल धमीजा, आकृति पाहवा, मानसी चांदना, नीरज ठाकुर, कविता शर्मा, रंजना शर्मा, रीता वाधवा आदि रहे।
भगवान श्री कृष्ण का स्वरूप है श्रीमद्भागवत : राघवाचार्य
सहारनपुर। पहले दिन कथा करते हुए स्वामी राघवाचार्य ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा कोई साधारण पुस्तक नहीं है। स्वयं भगवान श्री कृष्ण श्रीमद्भागवत का स्वरूप हैं। आज के युग में श्रीमद्भागवत कथा और भगवान श्री कृष्ण में तनिक भी अंतर नहीं है। जब भगवान श्री कृष्ण अपना मानव जीवन पूरा करके जा रहे थे, तो उस समय वह श्रीमद्भागवत गीता में ही समा गए थे। उन्होंने अपनी ज्योति को श्रीमद्भागवत गीता में समाहित कर दिया था।
आठ फरवरी को होगा कन्याओं का विवाह : कृष्णात्रेय
सहारनपुर। श्रीमद्भागवत कथा से पूर्व शनिवार की सुबह साउथ सिटी मैदान पर 108 भागवत और 18 महा पुराणों के की पूजा-अर्चना हुई। यहां पर नांदी श्राद्ध के बाद पंचांग पूजा की गई। तत्पश्चात मंडप प्रवेश किया गया। तहसील शिव मंदिर के अधिष्ठाता पंडित अभिषेक कृष्णात्रेय ने बताया कि नौ फरवरी तक रोजाना दोपहर 1:30 बजे से शाम पांच बजे तक कथा चलेगी। इसके साथ ही अखंड भंडारा होगा। आठ फरवरी को 15 कन्याओं का विवाह होगा। कार्यक्रम में रोजाना देशभर से अलग-अलग संत भाग लेंगे।