सहारनपुर। नगर निगम द्वारा कराई जा रही कुत्तों की नसबंदी पर पीपल फॉर एनिमल्स की संस्थापक और अध्यक्ष मेनका गांधी ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि सहारनपुर में जितने भी कुत्तों की नसबंदी की जा रही है उनमें से ज्यादातर की मौत हो रही है। इस पर नगर आयुक्त ने तीन सदस्यों की जांच समिति गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
दरअसल, कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए नगर निगम ने शाकंभरी विहार में एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर बनाया हुआ है, जहां बीते करीब चार साल से कुत्तों की नसबंदी की जा रही है। नसबंदी का ठेका एक फर्म को दिया गया है, जो नसबंदी के लिए कुत्तों को मोहल्लों से उठाती है। नसबंदी करने के बाद कुत्तों को कुछ दिन के लिए एबीसी सेंटर में ही विशेषज्ञों की देखरेख में रखा जाता है। सुधार होने पर उसे उसी मोहल्ले में छोड़ा जाता है, जहां से लेकर आए थे। नगर निगम अभी तक करीब 22 हजार कुत्तों की नसबंदी करने का दावा करता है।
हाल ही में किसी ने मेनका गांधी को शिकायत की है कि नगर निगम द्वारा जितने भी कुत्तों की नसबंदी कराई जा रही है, उनके टांके खुलने के बाद इंफेक्शन फैल रहा है, जिससे कुत्तों की मौत हो रही है। इस संबंध में मेनका गांधी ने नगर निगम के अधिकारियों से फोन पर बात भी की है और चिंता व्यक्त की है। उधर, नगर आयुक्त शिपू गिरि का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच बिठा दी गई है।
जांच समिति में यह शामिल
तीन सदस्यों की जांच समिति में अपर नगर आयुक्त प्रथम प्रदीप कुमार यादव अध्यक्ष, नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा सदस्य और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. प्रवीण शाह सदस्य बनाए गए हैं। समिति को तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
शिकायत सही मिली तो होगी कार्रवाई
नगर आयुक्त ने जांच समिति गठित करने के साथ ही चेतावनी भी दी है कि यदि शिकायत में जरा सी भी सच्चाई पाई जाती है तो संबंधित फर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के साथ ही ठेका भी निरस्त किया जाएगा।