-अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने सजा सुनाई। दोषी पर 25 हजार का जुर्माना भी लगा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट द्वारा छह वर्ष पूर्व नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में एक आरोपी को दोषी माना है। अदालत ने उसे 20 वर्ष के सश्रम कारावास व 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
क्षेत्र के एक व्यक्ति ने कोतवाली में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 1 जुलाई 2019 को उसकी नाबालिग पुत्री को अभियुक्त अमृत पुत्र शीशपाल निवासी गांव इंद्रपुर (देवबंद) बहला फुसलाकर साथ ले गया था। आरोपी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने आरोपी पर दुष्कर्म व पाोक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। यह मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 13/विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट जनपद सहारनपुर में विचाराधीन रहा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में मिशन शक्ति अभियान फेज 5.0 के अंतर्गत ऑपरेशन कन्वेंशन के चिह्नित मॉनिटरिंग सेल द्वारा की गई सशक्त पैरवी एवं प्रयासों के चलते अदालत ने सोमवार को अभियुक्त अमृत को दोषी पाते हुए 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई है।