वन क्षेत्र में दिखे नर और मादा तेंदुआ, वन विभाग में उत्साह
सहारनपुर। शिवालिक वन क्षेत्र में अब वन्य जीवों की आवाजाही बढ़ गई है। पहली बार यहां कैमरा ट्रैप में दो नर और मादा तेंदुआ कैद हुए हैं। अनुकूल माहौल में नर और मादा तेंदुआ जंगल में खुशहाली का पैगाम दे रहे हैं। इससे वन विभाग भी बेहद उत्साहित है और वन्य जीव संरक्षण की कई योजनाओं को लेकर प्लानिंग बनाई जा रही है।
उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व की सीमा से लगते हुए शिवालिक वन क्षेत्र की शुरुआत हो जाती है। शिवालिक की मोहंड रेंज का एक हिस्सा तो उत्तराखंड, जबकि दूसरा सहारनपुर जनपद में पड़ता है। वन्य जीवों का आवागमन दोनों जंगलों में होता रहता है। वन्य जीवों का मूवमेंट जानने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (वर्ल्ड वाइडलाइफ फंड) से वन महकमे ने सहयोग मांगा था। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने सहमति जताते हुए जंगल में पहले भौगोलिक सत्यापन किया, फिर जिस एरिया में वन्य जीवों का पगमार्क मिला, वहां कैमरा ट्रैप लगाए गए। शिवालिक के शाकुंभरी के जंगलों में 20 से अधिक कैमरा ट्रैप लगाए गए। इनमें 14 नवंबर को चौंकाने वाली तस्वीरें कैद हुईं। चीतल, सांभर, हाथी तो कैद हुए ही, नर और मादा तेंदुआ भी कैमरा ट्रैप में आए। हाल ही में जब कैमरा ट्रैप को निकालकर उसकी पड़ताल की गई, तो इसमें ये जानवर रात के वक्त घूमते दिखाई पड़े। अब शिवालिक वन क्षेत्र और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ वन्य जीवों के मूवमेंट को रिकार्ड में रखने, मूवमेंट को वॉच करने सहित उनके संरक्षण और संवर्द्धन पर काम करेगा।
बेहद उत्साहजनक तस्वीर सामने आई है। अब तक तेंदुआ, हाथी, सांभर, चीतल सहित अन्य वन्य जीवों के पगमार्क और आंखों से देखकर स्पॉट किया जाता रहा है। पहली बार ये जानवर कैमरे में कैद हुए हैं। अब डाटा बैंक बनाया जा रहा है।
- वीके जैन, वन संरक्षक, शिवालिक वन परिक्षेत्र
शिवालिक वन क्षेत्र के शाकुंभरी वन क्षेत्र में लगाए गए कैमरा ट्रैप में सांभर।- फोटो : SAHARANPUR