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दूसरों को कर रहे जागरूक, खुद फैला रहे बीमारी

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सहारनपुर। चिकित्सा विभाग मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि पर नियंत्रण के लिए जन जागरुकता कार्यक्रम चला रहा है। मच्छरों को पनपने से रोकने तथा मच्छरों से बचने के की सलाह लोगों को दी जा रही है, लेकिन विभाग अपने ही जिला अस्पताल परिसर से या तो अनभिज्ञ है या फिर लापरवाह। अमर उजाला की टीम ने मंगलवार को अस्पताल परिसर की पड़ताल की, जिसमें मच्छरों के पनपने के पूरे इंतजाम नजर आए।
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इमरजेंसी वार्ड के पीछे सेफ्टी टैंक के ढक्कन खुले पड़े मिले, जबकि इसी की बगल में सेफ्टी टैंक का गंदगी और पानी नाली में भरा मिला। यहीं पर कचरे का ढेर लगा दिखा। बर्न वार्ड के पीछे झाड़ियां और घास उगी हैं, जिसमें मच्छर पनप रहे हैं। सहारनपुर क्लब की ओर बनाई गई दीवार की साथ बह रहे नाले में गंदगी और लार्वा नजर आया। अस्पताल की कॉलोनी के पीछे गोबर डाला गया है, जिसमें मच्छर और अन्य कीट पनप रहे हैं। पर्ची काउंटर के ठीक सामने फ्रीज की बगल से बह रही नाली में बड़ी संख्या में लार्वा सक्रिय नजर आया। जिला महिला अस्पताल के सामने कैंटीन की बगल की कॉलोनी में नालियां खुली मिलीं, जिनमें जलभराव हो रहा है। मलेरिया विभाग की ओर जाने वाले मार्ग की साइड में बनी और खुली नाली में जलभराव नजर आया। सीएमओ कार्यालय के पीछे टंकी के आसपास झाड़ियां उगी हैं, जहां भी मच्छर पैदा हो रहे हैं। चिकित्सकों की आवासीय कॉलोनी के आसपास भी झाड़ियां उगी हैं और नालियां खुली पड़ी हैं।
एसीएस और मंडलायुक्त के निर्देशों का असर नहीं
करीब दो माह पहले अपर मुख्य सचिव डॉ. रजनीश दूबे ने एसबीडी जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। उन्होंने पूरे जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल परिसर में खुली नालियों को ढकने के लिए उन पर स्लैब रखवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक स्लैब नहीं रखे गए हैं। मंडलायुक्त भी निरीक्षण के दौरान नालियों को ढकने के निर्देश दे चुके हैं।
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बीते वर्षों में डेंगू ढहा चुका है कहर
बीते करीब चार साल में डेंगू जनपद में सैकड़ों लोगों की जान ले चुका है। तीन साल पहले जिले भर में डेंगू की वजह से सौ से अधिक लोगों की जान चली गई थी। वह बात अलग है कि विभाग मौत की वजह डेंगू नहीं मान रहा था, क्योंकि ज्यादातर की मौत जनपद के बाहर के अस्पतालों या फिर बिना जांच के घरों पर ही हुई थी। बीते वर्ष भी डेंगू के कारण कई लोगों की जान चली गई थी।
मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए विभाग जिले भर में अभियान चला रहा है। यदि जिला अस्पताल परिसर में लार्वा पैदा हो रहा है तो यह गंभीर मामला है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से बात की जाएगी।
शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी।

जिला अस्पताल में क्वार्टर के पीछे डाला गया गोबर व कचरा।- फोटो : SAHARANPUR

जिला अस्पताल परिसर में बर्न वार्ड के पीछे फैली गंदगी और खड़ी झाड़ियां।- फोटो : SAHARANPUR

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