सहारनपुर। दूसरे चरण का विधानसभा चुनाव प्रचार अंतिम चरण में पहुंच गया है। प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने पूरी ताकत लगा दी है। सामाजिक संस्थाएं और बुद्धिजीवी वर्ग भी लगातार शत प्रतिशत मतदान के लिए अभियान चला रहे हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि मतदान से जहां लोकतंत्र मजबूत होता है, वहीं यह हमारी पहचान को भी कायम रखता है। हमें वोट की ताकत को पहचानना होगा और निष्पक्ष होकर देश और समाज हित के लिए काम करने वाले प्रत्याशी को वोट देकर अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए।
वोट की कीमत और ताकत को समझे मतदाता
छुटमलपुर निवासी अधिवक्ता एवं बार एसोसिएशन बेहट के पूर्व अध्यक्ष केहर सिंह कांबोज का कहना है कि मतदान से भविष्य का निर्माण होता है। अपने वोट की कीमत और ताकत को समझकर सही दिशा में स्थानीय एवं शिक्षित व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि चुनना चाहिए। एक आम आदमी और प्रधानमंत्री का वोट एक समान है। ऐसे में आदमी को अपने वोट की कीमत खुद समझ में आनी चाहिए।
जीवन का अमूल्य कार्य है मतदान
देवबंद के अधिवक्ता संदीप शर्मा का कहना है कि मतदान करना ऐसा है जैसे आपने अपने जीवन की सुरक्षा कर ली हो। मतदान की ताकत से ही हम भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी, भू माफिया को सत्ता में आने से रोक सकते हैं। मतदान करके हम अपने जीवन का अमूल्य कार्य करते हैं। मतदान के माध्यम से हम ऐसे तत्वों को भी सत्ता से दूर कर सकते हैं, जो केवल जनता की गाढ़ी कमाई को लूटना चाहते हैं। उन्होंने मतदाताओं से आह्वान किया कि वे हर हालत में खुद भी मतदान करें और दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें।
अपनी पहचान कायम रखने को करें मतदान
सरसावा निवासी संदीप जैन एडवोकेट का कहना है कि मतदान संविधान द्वारा दिया गया अधिकार है, जिसे हर मतदाता को उपयोग में लाना चाहिए। जब हम भारतीय अपने कर्तव्य का पालन करेंगे तभी देश में लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं क्रियाशील एवं जागृत रहेंगी। मतदान करने का उद्देश्य है कि हम लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं तथा अपने मत के माध्यम से कल्याणकारी सरकारों का चुनाव करते हैं। पूरे विश्व में भारतीय लोकतंत्र का मान है और मतदान उस लोकतंत्र की पहचान है। हमें अपनी पहचान को कायम रखने के लिए मतदान अवश्य करना चाहिए साथ ही अन्य लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करना चाहिए।
संदीप शर्मा- फोटो : SAHARANPUR
केहर सिंह कांबोज- फोटो : SAHARANPUR