सहारनपुर। ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर में मिले गड़बड़ी में आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। इसकी जांच एसआईटी के साथ तीन पुलिस टीमें करेंगी, जो महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा भी जाएंगी। क्योंकि, इन जगहों से ट्रैक्टर खरीदे गए हैं। इसमें एजेंसी मालिकों और आरटीओ कार्यालय के बाद बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध मिल रही है। हालांकि, पुलिस अभी एक ही एजेंसी संचालक को गिरफ्तार कर 22 ट्रैक्टर बरामद कर पाई है।
इस मामले में थाना जनकपुरी एक नामजद सहित 50 से अधिकारियों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। पुलिस ने चेसिस नंबर बदले हुए 22 ट्रैक्टर भी बरामद किए हैं। इसके साथ ही एक एजेंसी मालिक मुस्तकीम को जेल भेजा दिया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि सुनियोजित तरीके से करीब एक वर्ष से फर्जीवाड़ा चल रहा था। इसमें ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों के एजेंसी संचालक व मालिकों के अलावा आरटीओ कार्यालय के कर्मचारी भी शामिल रहे हैं। जांच में बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध मिल रही है। क्योंकि, पहले ट्रैक्टरों पर ऋण लिया गया और इसके बाद चेसिस नंबर बदलकर किसानों को बेच दिया गया है।
मामले में होंगी और गिरफ्तारियां
एसएसपी आकाश तोमर का कहना है कि इस मामले में कई गिरफ्तारी होगी। मामला बड़ा होने की वजह से एसआईटी गठित की जा रही है, जो साक्ष्य जुटाएगी। इसके अलावा पुलिस टीमें दूसरे राज्यों में भी जाएंगी। इस मामले में एजेंसी मालिकों, आरटीओ कार्यालय और बैंक कर्मचारियों की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध है। सुनियोजित तरीके से पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम देकर बैंकों का लोन भी हड़पा गया है। पुलिस हर पहलु पर तफ्तीश करेगी।