पति की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी पर दोष सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश सभाजीत यादव ने दोनों को उम्रकैद और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव चौरादेव निवासी रोहताश अप्रैल 2012 में घर से लापता हो गया था। काफी तलाश के बावजूद उसके न मिलने पर परिवार के लोग गागलहेड़ी पहुंचे। इसी दौरान उन्हें पता चला कि रोहताश का शव सुनहेटी खड़कड़ी के पास रेलवे लाइन पर पड़ा मिला।
रोहताश के भाई सतीश ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि रोहताश की आत्महत्या का कारण उसकी पत्नी रेखा और गांव थाना पुरकाजी क्षेत्र के गांव साईखेड़ी निवासी सोनू है। इनके कारण वह मानसिक तनाव में था। सोनू रोहताश के पड़ोस में ही अपने नाना के यहां रहता था।
सहायक शासकीय अधिवक्ता पालम राणा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों पर आईपीसी की धारा 306 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई के बाद गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोनों को हत्या का दोषी पाते हुए आईपीसी की धारा 302/34 के तहत रेखा और सोनू को उम्रकैद की सजा और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।