हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा से लाठी फटकार कर जाम खुलवाती पुलिस
सहारनपुर। जिले में लगातार सड़क हादसों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। गागलहेड़ी में डंपर से यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी डंपर कई लोगों की जान ले चुका है। डंपर ने किसी के लाल को छीना तो किसी का पति। इन परिवारों को ऐसा दर्द दिया कि वह भूल नहीं पाएगा। यह हाल तब है जब लगातार ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई हो रही।
जिले का ऐसा कोई मार्ग नहीं बचा है, जहां से डंपर नहीं गुजरते। पुलिस थानों से लेकर चौकी के सामने डंपरों का आवागमन होता है। सरसावा, चिलकाना, मिर्जापुर, बेहट और साढ़ौली कदीम डंपरों का गढ़ है। डंपर सर्विस मार्ग से लेकर हाईवे तक दौड़ रहे। 20 अक्तूबर 2025 को देहरादून-सहारनपुर मार्ग पर बस का इंतजार कर रहे छजपुरा निवासी सुंदर को तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी थी। इसमें युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी। चार जुलाई 2025 को बेहट क्षेत्र के गांव संसारपुर में डंपर ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी थी।
इसमें फतेहपुर के गांव साहबपुरा निवासी शहजाद और उसके 10 दिन के भतीजे अहमद की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक की भाभी जेबुनिशा घायल हुई थी। 10 जनवरी 2025 को साढ़ौली कदीम में अलीपुरा दामनकोह निवासी साजिद की डंपर के नीचे आने से मौत हुई थी। यह हादसा गंदेवड़-चिलकाना मार्ग पर गांव लोदीपुर के पास हुआ था। गागलहेड़ी-मुजफ्फरनगर हाईवे पर नागल बस स्टैंड के पास डंपर इसमें छात्र लक्की, नोमान की जान गई थी। मोंटी, गुलबहार, सुमित घायल हुए।