सहारनपुर। अपहरण और हत्या के मामलों में दो दोषियों को अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या 02) सुनील कुमार सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 27 - 27 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
थाना जनकपुरी अंतर्गत मोहल्ला गाढ़ा निवासी सलमान टेंपो चलाता था। 15 नवंबर 2011 को वह टेंपो लेकर गया था किंतु घर नहीं लौटा। 16 नवंबर को उसके पिता शमीम ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ थाना जनकपुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना उपरांत पुलिस ने गंदेवड निवासी अकरम, गांव कोटवाल आलमपुर थाना झबरेड़ा (हरिद्वार) निवासी शमीम और सापला निवासी अब्दुल सत्तार के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। पुलिस ने अकरम की निशानदेही पर सलमान का कंकाल कोटवाल आलमपुर गांव से बरामद किया था।
सहायक शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार सहल ने बताया कि यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या 02) सुनील कुमार सिंह के न्यायालय में चला। मुकदमे की पत्रावली का अवलोकन करने के अलावा गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अकरम और शमीम को दोषी पाया गया, जबकि अब्दुल सत्तार को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया गया।
शुक्रवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए अकरम और शमीम को आजीवन कारावास तथा 27-27 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है।