बेहट। पेपरलेस ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में बेहट तहसील में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, टंकणकर्ताओं एवं मुंशियों का आंदोलन सोमवार को लगातार 11वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने रजिस्ट्री एवं न्यायिक कार्य पूरी तरह बंद रखकर पेन डाउन हड़ताल की तथा तहसील गेट पर जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
सोमवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता और कर्मचारी तहसील परिसर से जुलूस की शक्ल में मुख्य द्वार तक पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर पेपरलेस ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस लेने की मांग दोहराई। अधिवक्ता ठाकुर प्रदीप कुमार, राजेश लवानिया, एसोसिएशन के प्रवक्ता अखिलेश कौशिक, पंकज गुप्ता, राजीव गुप्ता, दीपक गर्ग, मोहम्मद इरशाद तथा मैगीराज सहित अन्य वक्ताओं ने कहा, कि जब तक पेपरलेस ई-रजिस्ट्री संबंधी शासनादेश वापस नहीं लिया जाता, तब तक बेहट के अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, टंकणकर्ता एवं मुंशी किसी भी प्रकार का कार्य नहीं करेंगे।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही इस आदेश को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा अधिवक्ता सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। धरने की अध्यक्षता संजय चौहान तथा संचालन महासचिव जगदीश प्रसाद ने किया। धरना-प्रदर्शन में संजीव शर्मा, भोपाल सिंह, राजवीर सिंह, देवेंद्र राणा, राजेंद्र सैनी, मुकेश सैनी, रिजवान अहमद, अजीत सिंह, महबूब, दिनेश कुमार, लोकेश राणा, जीशान अली, सुलेख चंद, मोहन सिंह आदि रहे।