4.26 लाख वाद और वादकारियों को 35 करोड़ 12 लाख की धनराशि दिलाने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। हापुड़ में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बहिष्कार के बावजूद राष्ट्रीय लोक अदालत में 4.26 लाख वादों का निस्तारण हो गया। इसके साथ ही वादकारियों को वादकारियों को 35 करोड 12 लाख रुपये की धनराशि दिलाई गई। यह दावा न्यायिक अधिकारियों की तरफ से किया जा रहा है।
शनिवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत लगी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष जिला जज बबीता रानी व प्रधान न्यायाधीश पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना नरेंद्र कुमार ने लोक अदालत का शुभारंभ किया। जिला जज ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी आम नागरिकों को सुलभ एवं सस्ता न्याय प्रदान किया जाता है। लोक अदाल में न्यायधीश अरिवंद कुमार गौतम के 60, एडीजे पिंकू कुमार के एक, एडीजे कल्पना पांडेय के एक, एडीजे प्रथम ललित नारायण झा के 60, एडीजे प्रकाश तिवारी के सात, एडीजे अर्पणा पांडेय के एक, एडीजे शाश्वत पांडेय के 682, एडीजे महेश कुमार के आठ, एडीजे आसिफ इकबाल रिजवी के एक, एडीजे आराधना कुशवाह के एक, एडीजे विकास के आठ, एडीजे कमलदीप के दो वाद निस्तारित किए गए। प्रशासन के कुल 410386 बाद निस्तारित हुए। इनमें ज्यादातर बैंकों के लोन और वाहनों के चालान से संबंधित थे। दावा किया जा रहा है कि इसी तरह जिले भर में राष्ट्रीय लोक अदालत 426806 वादों को निस्तारित कराया गया है।
वकीलों ने किया बहिष्कार
हापुण में अधिवक्ताओं पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन ने राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार किया। वकील राट्रीय लोक अदालत में शामिल नहीं हुए। बहिष्कार करने वालों में अध्यक्ष अरविंद शर्मा, महासचिव मुनव्वर आफताब, अमरीश पुंडीर, राजेंद्र सिंह चौहान, अ
अभय सैनी, सत्यपाल सिंह, अश्विनी शर्मा, प्रेमचंद शर्मा, नितिन शर्मा सहित अनेक अधिवक्ता शामिल रहे।