सहारनपुर के गागलहेड़ी में पुलिस उत्पीड़न से क्षुब्ध होकर जहर खाकर आत्महत्या करने वाले लकड़ी ठेकेदार रविंद्र के शव का पोस्टमार्टम के बाद बेहद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। एहतियातन इस दौरान भारी पुलिस बल गांव में तैनात रहा। उधर, मृतक के परिजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की मांग की है।
गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव मांडेबांस निवासी लकड़ी ठेकेदार रविंद्र कुमार (45) पुत्र मंगल सिंह ने मंगलवार को जहर खा लिया था। बुधवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। उपचार के दौरान रविंद्र ने गागलहेड़ी थाने की लेपर्ड पर तैनात पुलिसकर्मियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। गुरुवार की दोपहर बाद पोस्टमार्टम के उपरांत रविंद्र के शव को गांव में लाकर उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गागलहेड़ी पुलिस के साथ ही सीओ सदर नीरज सिंह, प्रशिक्षु सीओ अभितेष सिंह, कुतुबशेर थाना प्रभारी सूबे सिंह, फतेहपुर एसओ प्रमोद कुमार, चिलकाना थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार राय सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
मृतक के भाई देवेंद्र ने बताया कि उसने थाने की लेपर्ड पर तैनात तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है। उधर, सीओ सदर नीरज सिंह ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। विभागीय स्तर पर एसपी सिटी इस मामले की जांच कर रहे हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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शव न लेने की जिद पर अड़े परिजन
पोस्टमार्टम के बाद जब पुलिस ने रविंद्र का शव परिजनों को सुपुर्द करना चाहा तो परिजन शव नहीं लेने की जिद पर अड़ गए। परिजनों का कहना था कि जब तक पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक शव नहीं लिया जाएगा। जिस पर सीओ सदर नीरज सिंह ने परिजनों को बताया कि जांच की जा रही है, जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद ही परिजनों ने शव सुपुर्दगी में लिया।
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