बड़ौत। लाक्षागृह प्रकरण में मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम में मुस्लिम पक्ष के साक्ष्यों पर बहस हुई। इसमें अब सुनवाई के लिए 24 मार्च की तिथि तय की गई। इसके बाद हिंदू पक्ष की बहस शुरू होगी। बरनावा स्थित प्राचीन टीला पर पिछले 53 साल से विवाद चल रहा है। इसमें हिंदू पक्ष प्राचीन टीले को लाक्षागृह होने का दावा कर रहा है तो मुस्लिम पक्ष टीले पर बदरुद्दीन की दरगाह और कब्रिस्तान होने का दावा कर रहा है। इस प्रकरण में सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम ने प्राचीन टीले को लाक्षागृह माना और मुस्लिम पक्ष के दावे को खारिज कर दिया।
इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने जिला एवं सत्र न्यायालय में निर्णय के खिलाफ अपील दायर कराई।
अपील पर मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम मीनू शर्मा के न्यायालय में मुस्लिम पक्ष के साक्ष्यों को लेकर बहस हुई। इसके बाद अगली सुनवाई के लिए 24 मार्च नियत की गई। बताया गया कि 24 मार्च को मुस्लिम पक्ष की बहस पूरी होने के बाद हिंदू पक्ष की बहस शुरू होगी।