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सुविधाओं का अभाव, कैसे निखरें खेल प्रतिभाएं

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- सहारनपुर स्पोटर्स स्टेडियम में बनाया जा रहा सिंथेटिक ट्रैक - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। जिले में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। युवा चाहते हैं नाम रोशन करना, लेकिन सुविधाओं का अभाव उनकी राह में बाधक बन रहा है। खेल सुविधाएं बेहतर बनाने के दावे तो तमाम होते हैं, लेकिन अमल नहीं होता, जो काम हो रहे हैं वह भी अधर में लटके हैं या गति धीमी है। ऐसे में खेल प्रतिभाएं कैसे निखर पाएंगी, कैसे अपना, क्षेत्र और देश का नाम रोशन करेंगी।
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दरअसल, सहारनपुर के स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेलो इंडिया के तहत सिंथेटिक ट्रैक बनाया जा रहा है, जो पश्चिमी यूपी का पहला सिंथेटिक ट्रैक होगा। उस पर सात करोड़ रुपये खर्च होने हैं, लेकिन कार्य धीमी गति से चल रहा है। ट्रैक पर सिंथेटिक रबर बिछनी बाकी है, जो नीदरलैंड से इंजीनियर आने के बाद मंगाई जाएगी। वहीं, खेलो इंडिया के तहत जनपद के सभी 11 ब्लॉकों में मिनी स्टेडियम बनने थे, लेकिन जगह नहीं मिली। अघ्याना में स्टेडियम के लिए जगह मिली, मगर बजट जारी नहीं हुआ।
विद्यालय स्तर पर स्थिति खराब
विद्यालय और महाविद्यालय स्तर पर खेलों की स्थिति खराब है। महाराज सिंह कॉलेज का खेल मैदान जनता रोड तिराहे पर है, जिसमें गोबर फैला हुआ है। यहां साल में एक बार कुछ खेल कराए जाते हैं। जेवी जैन कॉलेज के मैदान पर जंगली घास उगी है। यही हाल मुन्नालाल कॉलेज का है। माध्यमिक विद्यालयों की बात करें तो अनेक विद्यालयों ने अपने मैदानों को किराए पर दिया है, जहां लोगों ने खेल एकेडमी खोल ली हैं। ज्यादातर परिषदीय विद्यालयों के पास अपने मैदान ही नहीं हैं।
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गिने चुने ही हैं खिलाड़ी
जनपद से अभी तक मात्र एक खिलाड़ी अकरम शाह ओलंपिक तक पहुंचे हैं। बाकी खेल प्रतिभाएं राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक ही बमुश्किल पहुंच पाती हैं। ऐेसे में गिने चुने खिलाड़ी ही सहारनपुर में हैं, जो राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। इनमें एथलेटिक्स, जूडो और क्रिकेट शामिल है। क्रिकेट, हॉकी, एथलेटिक्स आदि खेलों से जुड़े कई खिलाड़ी ऐसे हैं, जो यहां सुविधाएं नहीं होने की वजह से चंडीगढ़, दिल्ली और मेरठ आदि जगहों पर प्रशिक्षण ले रहे हैं।
स्पोर्ट्स स्टेडियम में जूडो के कोच उप जिला क्रीड़ा अधिकारी काशी नरेश यादव हैं, जबकि टेबल टेनिस की अरुणा, एथलेटिक्स के संदीप कुमार और कबड्डी कोच संजीव कुमार है। यहां जूडो के 25, टेबल टेनिस के 25, एथलेटिक्स के 40 और कबड्डी के 25 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। कोरोना काल में जूडो छात्रावास बंद है, जिस कारण बाहर के खिलाड़ी नहीं आ रहे हैं।
औपचारिकता न हो खेल दिवस: नीरपाल
जिला हॉकी संघ के अध्यक्ष चौधरी नीरपाल सिंह ने हॉकी की दुर्दशा के लिए सरकारों, खेल निदेशालय, खेल विभाग और विद्यालयों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि कभी जनपद में हॉकी क्लब होते थे। साल में कई हॉकी प्रतियोगिताएं होती थीं। उस समय विद्यालयों की अपनी हॉकी टीमें थीं। विद्यालयों से हॉकी गायब हो चुकी है। निदेशालय और खेल विभाग अनदेखी करता रहा है। खेल दिवस पर हॉकी मैच कराकर औपचारिकता निभा दी जाती है। विद्यालय स्तर पर हॉकी को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
आज होगा स्टेडियम में हॉकी मैच
सहारनपुर। राष्ट्रीय खेल दिवस पर (आज) खेल विभाग द्वारा डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में हॉकी मैच कराया जाएगा। इसके लिए सिंथेटिक ट्रैक के बीच का हिस्सा मिट्टी डालकर समतल कराया गया है। मगर शनिवार को बारिश होने की वजह से उसमें कीचड़ हो गया है। विकल्प के तौर पर इस्लामिया इंटर कॉलेज के मैदान को देखा गया है, लेकिन उसमें भी जलभराव है।
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