सहारनपुर। लाखनौर में हुए कोमल हत्याकांड में कहीं न कहीं पुलिस की लापरवाही का भी नतीजा रहा है। यह प्रकरण ऐसा नहीं था कि अचानक सामने आया हो। पिछले माह कोमल ने थाने में तहरीर देकर अपने परिजनों से जान का खतरा बताया था। यहां तक लिखा था कि परिजन उसे करंट से मारने का कई बार प्रयास कर चुके हैं। वहीं, पूरे प्रकरण को लेकर करीब 15 दिन पहले पंचायत भी हुई थी। अगर पुलिस मामले को गंभीरता से लेती तो शायद कोमल की जान बच सकती थी।
दरअसल, कोमल का गांव के एक युवक के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। मूलरूप से प्रेमी मुजफ्फरनगर के कटेसरा गांव का रहने वाला है, जिसका परिवार कुछ साल पहले लाखनौर में आकर रहने लगा था। दोनों के प्रेम संबंधों की भनक परिजनों को भी लग गई थी। परिजन इसका विरोध करते थे, लेकिन कोमल उसके साथ शादी की जिद पर अड़ी हुई थी। 20 सितंबर को कोमल ने नागल थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कोमल ने अपने परिजनों पर मारपीट करने और कमरे में बंद रखने का आरोप लगाया था। लिखा था कि परिजन उसे पढ़ाई नहीं करने दे रहे। उसे आगे पढ़ने से रोका जा रहा है।
परिजन मारने की धमकी देते थे। आरोप लगाया था कि परिजनों ने कई बार बिजली का करंट लगाकर मारने की कोशिश की। इसके बाद 30 सितंबर को प्रेमी युवक ने भी अपर जिलाधिकारी प्रशासन से शिकायत की। तब अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने नागल थाना प्रभारी को मामला का संज्ञान लेने के निर्देश दिए थे, लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। अगर समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो शायद ही कोमल की हत्या होती। इस प्रकरण को लेकर गांव में पंचायत भी हुई थी। इसमें दोनों को अलग रहने के लिए कहा गया था। पंचायत के बाद युवक गांव में कम रहने लगा था। कोमल और युवक बीच-बीच मिलते रहते थे।
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प्रेमी युवक ने कोमल के साथ शादी करने का किया दावा
30 सितंबर को प्रेमी युवक ने कोमल के परिजनों की अपर जिलाधिकारी प्रशासन से शिकायत की थी। दावा किया था कि करीब छह महीने पहले कोमल के साथ सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी में शादी की। इसके बाद कोमल के परिजनों ने उसे 15 से 20 दिन तक बंधक बनाकर रखा। तरह-तरह यातनाएं दी गई। तब प्रेमी युवक ने कोमल को बचाने की गुहार लगाई गई थी, लेकिन किसी भी स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।