अशोक राठी अपने परिवार को खत्म करना चाहता था। करीब एक साल पहले संग्रह अमीन अशोक राठी ने अपने पूरे परिवार को नींद की गोलियां दे दी थीं। तब डॉक्टरों ने उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए परिवार को सतर्क रहने के लिए कहा था। हालांकि परिवार को जरा भी आभास नहीं था कि अशोक इतना बड़ा कदम उठा सकता है। यह भी सामने आया कि करीब चार साल पहले पिता की मौत के बाद अशोक अवसाद में चला गया था।
अशोक के दोनों बेटों कार्तिक और देव की फाइल फोटो।
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इस घटनाक्रम के बाद खारीबांस गांव में पहुंचे बड़े बहनोई जयवीर सिंह ने बताया कि हत्या के पीछे अशोक की क्या मजबूरी रही होगी, यह समझ से परे है। आशंका यही है कि अशोक ने मानसिक अवसाद में इस घटना को अंजाम दिया है। बताया कि वह गत रविवार को अशोक के घर गए थे, वहां पर एक फरवरी को होने वाले नए मकान के मुहूर्त की तैयारी चल रही थी। पूरा परिवार खुश था। खुद अशोक भी बाजार से सामान खरीदारी में लगा हुआ था।
अशोक की मां विद्यावती और पत्नी अंजिता की फाइल फोटो।
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जयवीर ने बताया कि परिवार में किसी तरह का कोई विवाद भी सामने नहीं आया था। उन्होंने बताया कि पिता की मौत के बाद से ही अशोक मानसिक तनाव में जरूर रहता था और पूर्व में भी वह पूरे परिवार को मुश्किल में डाल चुका था। वह परिवार के साथ गांव में बसना चाहता था। जयवीर के अनुसार अशोक ने अवसाद के कारण पहले भी परिवार को खत्म करने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हुआ था।
उसका चंडीगढ़ में इलाज चल रहा था। वहीं से दवाई लेकर आता था। बताया कि डॉक्टरों ने भी परिवार को अशोक से बचकर रहने की सलाह दी थी। गांव में चर्चा यह भी थी कि अशोक कई बार पहले कह चुका था कि वह अपने पूर परिवार को खत्म करेगा। उसने अपने इस कथन को सत्य कर दिया और पूरे परिवार की हत्या कर खुद भी आत्महत्या कर ली।
गांव में पहुंचे जनप्रतिनिधि
खारीबास गांव में बुधवार को जनप्रतिनिधि पहुंचे। पूर्व मंत्री साहब सिंह सैनी व भाजपा नेता राजसिंह माजरा ने गांव पहुंचकर परिजनों को दुख की इस घड़ी में सांत्वना दी और घटना के विषय में बात की।
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