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जान पर खेलकर अपराधियों की धरपकड़ करती है खाकी

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जान पर खेलकर अपराधियों की धरपकड़ करती है खाकी
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सहारनपुर। कानपुर में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए दबिश के समय सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की शहादत ने पुलिसकर्मियों को झकझोर दिया है। जिले में भी पिछले कुछ वर्षों में बदमाशों से भिड़ते समय पुलिस को अपनी जान खतरे में डालनी पड़ी है। हत्या, लूट, गोकशी सहित अन्य मामलों में दबिश और मुठभेड़ के समय पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
सीओ के गनर राहुल ढाका की गई थी जान
जून 2013 में शहर के गलीरा रोड पर ही एक सूचना पर मुकीम काला गैंग के बदमाशों से मुठभेड़ में तत्कालीन सीओ उमेश यादव के गनर कांस्टेबल राहुल ढाका की मौत हो गई थी। राहुल ढाका को बदमाशों ने गोली मार दी थी, जबकि सीओ ने छिपकर जान बचाई थी। उस समय कार्बाइन भी लूट ली गई थी।
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दो साथियों को छुड़ाकर ले गए थे बदमाश
गागलहेड़ी क्षेत्र में तीन साल पहले कोर्ट से पेशी कर लौटते समय दो अपराधियों को उनके साथियों ने पुलिस टीम से छुड़वा लिया था। उस समय पुलिसकर्मियों को दुकानों के पीछे छिपकर जान बचानी पड़ी थी।
पुलिस टीम पर कर दिया था पथराव
लॉकडाउन के दौरान देवबंद कस्बे के एक मोहल्ले में घरों के बाहर खड़े लोगों को हड़काने पर भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया था। इसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। बाद में इस मामले में एक सभासद और उसके बेटे सहित 50 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया।
चौकी प्रभारी से पिस्टल छीनने की कोशिश
गत पांच अप्रैल को तलहेड़ी बुजुर्ग गांव में कोरोना संदिग्ध को क्वारंटीन केंद्र में भर्ती कराने पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच कहासुनी हो गई थी। भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया था। इसमें एक एसआई समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। भीड़ ने पुलिस चौकी प्रभारी से पिस्टल भी छीनने की कोशिश की थी। मामले में 13 नामजद सहित 38 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
दो इनामी बदमाश ढेर, दरोगा सहित तीन हुए थे घायल
दो साल पूर्व सरसावा क्षेत्र में पुलिस लूट और हत्या में शामिल बदमाश ओमपाल और विक्की से भिड़ गई। इसमें दोनों इनामी बदमाश तो ढेर हो गए, मगर दरोगा सहित तीन पुलिसकर्मियों को गोली लगी थी।
ये भी हुईं घटनाएं
- इसी वर्ष मार्च माह में मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी आबाद मारा गया। एक दरोगा सहित दो पुलिसकर्मी जख्मी हो गए।
- देहात कोतवाली क्षेत्र के घान्नाखंडी में तीन माह पहले गोकशी की सूचना पर पुलिस बदमाशों से भिड़ी। इसमें गोकश तो ढेर हो गया, मगर एक सिपाही विनीत चाकुओं के प्रहार से बुरी तरह जख्मी हुआ। उसकी जान मुश्किल से बच सकी।
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नहीं टूटेगा हौसला, अलर्ट रहेंगे
शातिर अपराधियों से निपटने के लिए कई बार पुलिस अफसरों से लेकर अन्य टीमों को जान खतरे में डालनी पड़ी है। मगर इससे खाकी का हौसला कमजोर नहीं होगा। कानपुर जैसी घटना से सबक लेकर आगे और अलर्ट होकर काम किया जाएगा। दबिश और मुठभेड़ के समय बेहतर प्लानिंग के साथ कार्रवाई होगी।
- डॉ. एस चनप्पा, एसएसपी, सहारनपुर
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