पुंवारका। महर्षि कश्यप जयंती समारोह में कश्यप समाज ने अपने हक और सम्मान के लिए आवाज उठाई। वक्ताओं ने कहा कि महर्षि कश्यप केवल धार्मिक आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर है। कार्यक्रम में महर्षि कश्यप विश्वविद्यालय बनाने व पांच अप्रैल को सरकारी छुट्टी घोषित करने सहित छह मांगें उठाई गई।
महाराज सिंह क्रीड़ा मैदान पर आयोजित समारोह का उद्घाटन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप ने किया। उन्होंने कहा कि भगवान महर्षि कश्यप के बारे में वेदों और पुराणों में वर्णित है, गृहमंत्री अमित शाह ने अपने बयान में कहा है कि कश्मीर भगवान महर्षि कश्यप की तपोभूमि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गाजियाबाद में एक करोड़ 38 लाख की लागत से मूर्ति और पार्क बनवाए गए। सहारनपुर में भी मूर्ति चौक और पार्क बनाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया गया है, जल्दी ही सहारनपुर को भी यह सौगात मिलेगी। नरेंद्र कश्यप ने कहा कि समाज को संगठित रखें और बच्चों को उच्च शिक्षित बनाएं।
अध्यक्षता करते हुए कार्यक्रम संयोजक भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं कश्यप निषाद संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विजेद्र कश्यप ने कहा कि कश्यप समाज अब केवल पहचान की नहीं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका निभाने की ओर अग्रसर है। उन्होंने सहारनपुर में महर्षि कश्यप चौक, महर्षि के नाम पर विश्वविद्यालय और पांच अप्रैल की छुट्टी के साथ कश्यप, निषाद, मल्लाह, केवट, बिंद, कहार, गोंड आदि वंचित वर्गों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग उठाई।
अखिल भारतीय कश्यप महासंघ के जिला अध्यक्ष धन प्रकाश, भाजपा विधायक मुकेश चौधरी, महापौर अजय सिंह, विधायक देवेंद्र निम, विधायक कीरत सिंह, नगर विधायक राजीव गुंबर, पूर्व विधायक जगपाल, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम ने भी विचार रखे। मुकेश कश्यप, नीरज कश्यप, डॉ. एमआर कश्यप, विश्वास कश्यप, आजाद कश्यप, शुभम कश्यप, हिमांशु कश्यप आदि रहे।