कांवडियों की आवाजाही के बाद भी भारी वाहन नहीं रुके।
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सहारनपुर में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर किया गया रूट डायवर्जन का असर नजर नहीं आ रहा है। कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बेरोकटोक जारी है। इससे शिवभक्तों की जान जोखिम में है।
प्रशासन खासकर पुलिस विभाग की यह लापरवाही बवाल करा सकती है। गत वर्षों में कांवड़ियों के साथ पेश आई सड़क हादसों की घटनाओं के बाद कांवड़ियों के उग्र हो जाने की घटनाएं होती रही हैं।
ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा को लेकर यातायात विभाग ने रूट का नया प्लान बनाया है, जिसका मकसद कांवड़ मार्ग पर वाहनों खासकर भारी वाहनों की आवाजाही को रोकना है।
विभाग ने बाकायदा 21 जुलाई से रूट डायवर्जन का पालन कराने के निर्देश संबंधित थानों की पुलिस को दिए थे, लेकिन पिछले दो दिनों में रूट डायवर्जन का असर न के बराबर है।
दिन के साथ ही रात में भी भारी वाहनों की आवाजाही सामान्य दिनों की तरह रही। ट्रकों के साथ ही लकड़ियों से ओवरलोड ट्रॉलियां भी धड़ल्ले से चलती नजर आईं। ऐसे में शिवभक्तों को खुद को बचाकर चलना पड़ रहा है।
शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने कांवड़ मार्ग का जायजा लिया, जो चौंकाने वाला था। कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही के साथ ही उनका रफ्तार के साथ चलना भी जारी है।
वह भी ऐसे समय में जब कांवड़ मार्ग पर कांवड़ियों की आवाजाही ठीकठाक संख्या में शुरू हो चुकी है। ऐसे में प्रशासन की जरा सी लापरवाही बड़ा बवाल करा सकती है। यदि जल्द ही रूट डायवर्जन का पालन नहीं किया गया तो किसी अप्रिय घटना के होने से इनकार नहीं किया जा सकता।