सहारनपुर। मूलरूप से गांगनौली गांव की रहने वाली काजल की शादी फूफा नरेंद्र ने कराई थी। ससुराल में झगड़े के चलते एक सप्ताह पहले ही अपने फूफा के घर जो उसका दूसरा मायका था गांव मड़की आई थी। शनिवार को अंकुश भी अपने घर से यह कहकर निकला कि वह काम पर जा रहा है। इसके बाद दोनों का कुछ पता नहीं चला।
ग्रामीणों ने बताया है कि काजल बचपन से ही अपने फूफा के घर गांव मड़की में रहती थी। इसकी एक वजह फूफा के यहां कोई संतान न होना है। इसलिए फूफा नरेंद्र काजल को अपनी बेटी मानते थे और काजल की शादी देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव सुंदलहेड़ी में राजू से उन्होंने ही कराई थी। अंकुश सुंदलहेड़ी का ही रहने वाला है, जो काजल के संपर्क में आया। चूंकि राजू काम के लिए बाहर चला जाता था। ऐसे में काजल और अंकुश के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं।
अंकुश का लगातार काजल के घर आना जाना रहा। कई बार वह राजू की अनुपस्थिति में घर में आ जाता था। अंकुश हलवाई का काम करता था। इसी शनिवार को अंकुश ने अपने घर से यह कहकर निकला था कि वह काम पर जा रहा है, लेकिन वह काजल से मिलने मड़की पहुंच गया। जब वह शाम तक घर नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश की। उधर, काजल और अंकुश पाली गांव पहुंचे, जहां पर दोनों जहरीले पदार्थ का सेवन किया। बताया यह जा रहा है कि युवक ने पहले जहरीले पदार्थ का सेवन किया है।
चार भाई बहनों में दूसरे नंबर का था अंकुश
चार भाई-बहनों में अंकुश दूसरे नंबर का था। चारों में से अभी तक किसी की भी शादी नहीं हुई है। एक बहन दिव्यांग है। अंकुश की मौत के बाद से परिजनों का बुरा हाल है।
प्रेम प्रसंग में पहले भी दी गई जान
- मार्च 2026 में नानौता क्षेत्र में एक होटल में प्रेमी जोड़े ने जहरीला पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली थी। होटल में दो दिन से रुके हुए थे। इनकी पहचान अजमल और शहराना के रूप में हुई थी।
- अक्तूबर 2025 में सरसावा क्षेत्र में प्रेमी युगल गौरव व काजल ने जहरीले पदार्थ का सेवन किया था। इसके बाद गौरव बाइक पर काजल को अपने साथ ले गया था। कलरी गांव के पास दोनों बेहोशी की हालत में मिले थे। दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।