सहारनपुर में पंजाबी महासंगठन द्वारा लोहड़ी धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में भंगड़ा और गिद्घा पर लोग झूम उठे। लोकगीत भी प्रस्तुत किए गए। पंजाबी महासंगठन द्वारा अंबाला रोड स्थित एक सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सांसद राघव लखनपाल शर्मा, महापौर संजीव वालिया, पूर्व विधायक राजीव गुंबर, अध्यक्ष योगेश दुआ, प्रेमपाल कटारिया, सन्नी नागपाल ने किया। इसके पश्चात विश्व शांति के लिए सामूहिक गायत्री मंत्र पाठ किया गया। पंजाब से आए लोक कलाकारों ने भंगडे़ और गिद्घे पर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया।
मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री तरुण चुग ने लोहड़ी की बधाई देते हुए पर्व के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज का इतिहास बलिदानों भरा पड़ा है। ढोल की थाप पर सुंदर मुंदरिए, तेरा कि विचारा लोकगीत प्रस्तुत किए गए।
रेवड़ी, मूंगफली और पॉपकोर्न का प्रसाद वितरित किया गया। भाजपा महानगर अध्यक्ष अमित गगनेजा, राजकुमार नरूला, दर्शन लाल टक्कर, नीरज कामरा, मुकेश गक्खड़, राकेश धींगड़ा, विवेक मनोचा, खैराती लाल चौहान, राजीव वाधवा आदि मौजूद रहे।
पंजाबी समाज में लोहड़ी पर्व को लेकर भारी उत्साह है। जिन परिवार में शादी या संतान हुई है, वह लोहड़ी पर भव्य कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। महानगर में लोहड़ी पर्व की धूम है। पंजाबी समाज द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उधर, पंजाबी समाज द्वारा विभिन्न जगहों लोहड़ी पर्व मनाने की तैयारी की गई है।
पंजाबी समाज के लोग अग्नि को रेवड़ी, मूंगफली और पोपकार्न भेंट करने के साथ प्रसाद वितरति करेंगे। होटलों और रेस्टोरेंट में कार्यक्रम करने के लिए बुकिंग की गई है। माधोनगर निवासी आकाश पुत्र सगन लाल की 30 सितंबर को नुमाइश कैंप निवासी तान्या पुत्री अशोक मनचंदा से शादी हुई थी।
नवविवाहिता जोड़े की पहली लोहड़ी है। परिवार द्वारा लोहड़ी पर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। शनिवार को भारी उत्साह के साथ लोहड़ी मनाने की तैयारी की गई है। घर पर रात्री भोज का आयोजन किया जाएगा।
नुमाइशकैंप निवासी मनीष कालरा पुत्र सुशील कालरा की एक दिसंबर को नुमाइशकैंप निवासी शैफाली से विवाह हुआ था। शादी के बाद इस परिवार में भी पहली लोहड़ी है। भारी उत्साह है। कार्यक्रमों में रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों को शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा शहर में कई परिवारों में शादी होने पर पहली लोहड़ी पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिन परिवारों संतान पैदा हुई, वह भी कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं।