सहारनपुर। पीएम आवास योजना में 517 लाभार्थी अपात्र सामने आने के बाद से विभाग में हड़कंप है। ऐसे में विभाग ने अभी तक योजना का लाभ ले चुके सभी लोगों की पात्रता की जांच करने का निर्णय लिया है। इतना ही नहीं, अभी तक जांच में टैक्स कलेक्टर और रेवेन्यू इंस्पेक्टर लगे थे, मगर अब नगर निगम के सभी जेई को भी जांच में लगाया गया है।
योजना के तहत शहरी क्षेत्र में ही अभी तक कई हजार लोग योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। योजना के लाभार्थियों की पात्रता की जांच के लिए बाकायदा नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। नोडल अधिकारी की देखरेख में नगर निगम के टैक्स कलेक्टर, रेवेन्यू इंस्पेक्टर लाभार्थियों की पात्रता की जांच मौके पर जाकर कर रहे हैं। अगस्त 2019 के बाद की गई करीब 4800 लाभार्थियों की पात्रता की जांच में 517 लाभार्थी ऐसे सामने आए हैं, जो अपात्र थे। इसके बाद से संबंधित विभाग ने जांच तेज कर दी है। अब शहर में योजना का लाभ पा चुके सभी लोगों की पात्रता की जांच कराई जा रही है। खास बात यह है कि अब जांच में नगर निगम के जलकल, निर्माण समेत सभी विभागों के जेई भी लगाए गए हैं। जांच में और भी अपात्रों के सामने आने की उम्मीद की जा रही है।
अपात्रों से होगी वसूली
अभी तक जो भी अपात्र सामने आए हैं उनको डूडा की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे लोगों से विभाग योजना के तहत जारी किए गए पैसे की वसूली करेगा। भुगतान वापस नहीं करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। अपील की गई है कि किसी भी कार्रवाई से बचने के लिए अपात्र लोग योजना के लिए आवेदन नहीं करें।
कर सकते हैं शिकायत
नगर निगम के टैैक्स कलेक्टरों और रेवेन्यू इंस्पेक्टरों द्वारा की जा रही जांच में यदि कोई घालमेल या गड़बड़ी नजर आती है तो इसकी शिकायत जांच के लिए बने नोडल अधिकारी दिनेश यादव के नगर निगम स्थित कार्यालय में भी की जा सकती है।
पीएम आवास योजना में लाभार्थियों की पात्रता की जांच के लिए पूरी टीम लगाई गई है, जिसमें टैक्स कलेक्टरों और रेवेन्यू इंस्पेक्टरों के साथ ही जेई भी लगाए गए हैं। जो भी लोग अपात्र हैं और योजना का लाभ ले चुके हैं। उनसे अपील है कि वह खुद ही पैसा वापस कर दें। अन्यथा जांच में पकड़ा जाना तो तय है ही। साथ ही अपात्र लोग योजना में आवेदन ना करें।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।