सहारनपुर में पांवधोई से इस तरह से हो रहा खनन।
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सहारनपुर में खनन पर प्रतिबंध लगने के बाद लोगों को जरूरत के लिए खनन सामग्री नहीं मिल पा रही है। ऐसे में छोटी ट्रॉली और बोगियां चलाने वाले लोग खनन कर मोटी कमाई कर रहे हैं। सहारनपुर की गंगा कही जाने वाली पांवधोई से रेत निकालकर उसकी कोख को खाली किया जा रहा है।
पांवधोई नदी का उद्गम स्थल गांव शुकलापुरी से है। उद्गम स्थल से ढमोला में गिरने तक इसकी लंबाई करीब आठ किलोमीटर है। बाबा लालदास के बाड़े से पीछे नदी के तटों में रेत का भंडार है। समय-समय पर लोग जरूरत के हिसाब से इसमें से रेत निकालते रहे हैं।
मगर जब से एनजीटी ने खनन पर पूरी तरह रोक लगाई है। तब से लोगों के सामने रेत की समस्या खड़ी हो गई है। अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को कंपलीट करने के लिए लोग दो से तीन गुणे दाम पर भी रेत खरीदने को तैयार हैं।
ऐसे में छोटी ट्राली और बोगियां चलाने वालों ने इसे धंधा बना लिया है। पांवधोई नदी से सुबह के समय भारी संख्या में बोगियां चलाने वाले खनन कर रहे हैं। बुधवार को भी करीब एक दर्जन बोगियां रेत लेकर जाती नजर आई।
पांवधोई नदी के किनारे बसे लोगों का कहना है कि खनन करने वालों ने नदी के किनारों पर रेत निकालकर गहरे गड्ढे बना दिए हैं। इसकी वजह से लोगों के खेतों को नुकसान हो रहा है।
उधर, डीएम शफकत कमाल का कहना है कि सभी तरह का खनन पूरी तरह बंद है। यदि कोई भी खनन करता पकड़ा जाता है तो उसके विरुद्घ कठोर कार्रवाई की जाएगी।