सहारनपुर। अस्पताल में प्रसव कराने के बाद जिले की करीब चार हजार महिलाएं जननी सुरक्षा योजना के लाभ से वंचित हैं। किसी महिला के खाते में अभी तक एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि नहीं पहुंची हैं। सबसे खराब हालत सढ़ौली कदीम, सरसावा और नानौता ब्लॉक की है। ऐसे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इन सीएचसी के प्रभारियों को वेतन रोकने का नोटिस जारी किया है।
जिले में अप्रैल से सितंबर तक कुल 16 हजार महिलाओं के प्रसव अस्पतालों में कराए गए। इनमें से 12 हजार महिलाओं के खातों में जननी सुरक्षा योजना के तहत एक-एक हजार रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। चार महिलाएं ऐसी हैं, जिनका भुगतान नहीं हो पाया है। सोमवार को समीक्षा बैठक के दौरान मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने भी जेएसवाई के भुगतान पर नाराजगी जताई थी। भुगतान के मामले में सबसे फिसड्डी सरसावा, नानौता और सढ़ौली कदीम ब्लॉक हैं। सरसावा में 68 फीसदी, नानौता में 66 और सढ़ौली कदीम ब्लॉक में 71 फीसदी महिलाओं का भुगतान हुआ है। जिला महिला अस्पताल की भी हालत खराब है। महिला अस्पताल ने 71 फीसदी भुगतान किया है। इनकी वजह से जिले में 76 फीसदी जेएसवाई का भुगतान हुआ है।
किस ब्लॉक में कितने प्रतिशत हुआ भुगतान
बलियाखेड़ी - 82 फीसदी
देवबंद - 89 फीसदी
गंगोह - 79 फीसदी
मुजफ्फराबाद - 86 फीसदी
नागल - 84 फीसदी
नकुड़ - 88 फीसदी
नानौता - 66 फीसदी
पुवांरका - 74 फीसदी
रामपुर मनिहारान - 88 फीसदी
सढ़ौली कदीम - 71 फीसदी
महिला अस्पताल - 71 फीसदी
सरसावा - 68 फीसदी
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जिन ब्लॉक की जेएसवाई के भुगतान में स्थिति खराब है, उन ब्लॉक सीएचसी प्रभारियों का वेतन रोकने के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जब तक जेएसवाई के भुगतान में अपेक्षित सुधार नहीं हो जाता है, तब तक वेतन जारी नहीं किया जाएगा।
डॉ. शेर सिंह कक्कड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी