- मौलाना अरशद मदनी बोले : फिल्म में देवबंद को दर्शाया गया कट्टरवाद का अड्डा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद ने उदयपुर फाइल्स फिल्म के खिलाफ अदालत का रुख किया है। इसमें उन्होंने फिल्म पर रोक लगाने की मांग की है। मौलाना अरशद मदनी ने फिल्म को नफरत फैलाने वाली और एक विशेष समुदाय को बदनाम करने की साजिश करार दिया।
कन्हैया लाल (दर्जी) हत्याकांड पर अमित जानी द्वारा निर्मित फिल्म उदयपुर फाइल्स को लेकर जमीयत उलमा-ए-हिंद ने एक साथ दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें उन्होंने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है। गौरतलब है कि यह फिल्म 11 जुलाई को बड़े पर्दे पर रिलीज होगी और अभी इसका दो मिनट 53 सेकेंड का ट्रेलर जारी हुआ है।
इस संबंध में जमीयत अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने जारी बयान में बताया कि फिल्म का ट्रेलर स्पष्ट करता है कि यह फिल्म मुस्लिम विरोधी भावनाओं से प्रेरित है और भारतीय संविधान में दिए गए नागरिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। इसमें पैगंबर मोहम्मद साहब और उनकी पत्नी के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। जबकि देवबंद को कट्टरवाद का अड्डा बताते हुए वहां के उलमा के खिलाफ जहर उगला गया है।
मौलाना मदनी ने कहा कि इस फिल्म में न्यायालय में विचाराधीन ज्ञानवापी मस्जिद जैसे संवेदनशील मामले का भी उल्लेख है। उन्होंने कहा कि फिल्म में कई जगह ऐसे दृश्य दिखाए गए हैं जिनका इस्लाम, मुसलमानों और देवबंद से कोई लेना देना ही नहीं है। मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि वर्ष 2022 में उदयपुर में हुई एक घटना को आधार बनाकर वर्ग विशेष, उलमा और धार्मिक संस्थानों की छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिश के लिए यह फिल्म बना गई है। इसमें सेंसर बोर्ड को भी पक्षकार बनाया गया है।