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जल निगम का कारनामा : कंप्यूटर में जल कल्याण, जमीन पर अधूरा सिस्टम

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सहारनपुर। जल निगम का बड़ा कारनामा सामने आया है। नागल विकास खंड के गांव पठौड़ी बक्काल में डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए और पोर्टल पर भी दर्शा दिया कि विकास कार्य पूरे हो गए हैं, लेकिन धरातल पर सबकुछ अधूरा पड़ा हुआ है। ग्रामीणों की पानी की एक बूंद तक नहीं मिली और पाइपलाइन से लेकर सड़क निर्माण भी अधूरा पड़ा है।
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यूपी जल निगम की तरफ से जल जीवन मिशन नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग की तरफ से गांव में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इसके तहत ओवरहैड टैंक का निर्माण, पाइपलाइन, सड़क निर्माण समेत अन्य काम शामिल हैं। करीब डेढ़ करोड़ की इस योजना की शुरूआत मार्च 2022 में हुई थी। विभाग की तरफ से ग्रामीण जलापूर्ति पोर्टल (आरडब्ल्यूएसपी) पर दर्शा दिया कि विकास कार्य पूरे हो चुके हैं, लेकिन धरातल पर पड़ताल की गई तो सब कुछ अधूरा पड़ा हुआ है।
ओवरहैड टैंक का निर्माण कार्य अधूरा है और पानी सप्लाई के लिए पाइपलाइन भी पूरी तरह से नहीं बिछाई गई। सड़क जगह-जगह खोदी गई है। बिना कनेक्शन के पाइप गली में छोड़े गए हैं। टैंक के चारों तरफ ग्रिल नहीं लगाई गई है। टैंक पर जाने के लिए सीढि़यों पर भी ग्रिल नहीं लगी। नलकूप के ऊपर चैनल नहीं लगा है, जिससे मोटर खराब होने पर उसे निकाला या डाला जा सके। ऐसे में सवाल यह है कि इतना खर्च करने के बाद भी विकास कार्य अधूरे हैं तो पोर्टल पर झूठी जानकारी क्यों दी गई।
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पहाड़पुर के रहने वाले, कनेक्शन दर्शा दिए पठौडी बक्काल में
कुछ दिन पहले लखनऊ से जलापूर्ति प्रकोष्ठ पीआरडी के नोडल इंजीनियर वरुण मिश्रा निरीक्षण के लिए गांव में पहुंचे थे। इस दौरान पता चला था कि गांव में पानी सप्लाई के 296 कनेक्शन आवंटित किए गए, जिन लोगों के नाम कनेक्शन दर्शाए गए हैं वे इस गांव के है ही नहीं। पड़ोसी गांव पहाड़पुर के 100 लोगों के नाम से इस गांव में कनेक्शन दर्शा दिए गए। जबकि दोनों गांव के बीच की दूरी करीब तीन किमी है, जहां तक पाइपलाइन भी नहीं है।

- यह बोलीं प्रधान
जल निगम के तहत यह काम कराया गया है। पोर्टल पर सभी काम पूरे दर्शा दिए गए, लेकिन ओवरहैड टैंक से लेकर पाइपलाइन और सड़क निर्माण भी अधूरा पड़ा है। दो दिन पहले ट्यूबवैल से ओवरहैड टैंक की बजाय सीधे पाइपलाइन में पानी छोड़ा गया था, जो सिर्फ 40-50 मकानों तक पहुंचा। - सुरेशना चौधरी, प्रधान पठौड़ी बक्काल

वर्जन
पठौड़ी बक्काल गांव में योजना के तहत जो काम हो रहे हैं उन्हें पोर्टल पूरा दिखाने का मामला पता चला है, जो गलत है। हकीकत में अभी काफी काम अधूरे पड़े हैं। इन्हें पूरा करने के लिए एक माह का समय दिया गया है। - वरुण मिश्रा, नोडल इंजीनियर, जलापूर्ति प्रकोष्ठ पीआरडी
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