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वोटरों का मिजाज भांप पाना रहा बड़ा मुश्किल

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रामपुर मनिहारान का जैन मंदिर - फोटो : SAHARANPUR
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रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। जिले की एक मात्र सुरक्षित रामपुर मनिहारान विधानसभा सीट वर्ष 2012 में हुए परिसीमन से पहले नागल के नाम से जानी जाती थी। 1952 से अब तक इस सीट पर छह बार कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए। एक बार 1962 में निर्दलीय प्रत्याशी ठाकुर यशपाल सिंह ने यहां से जीत दर्ज की थी। दो बार जनता पार्टी और एक बार जनता दल ने यहां से जीत दर्ज की है। 1991 में राम लहर के चलते डॉ. मामचंद यहां से विधायक बने थे, लेकिन 1996 में बसपा के इलम सिंह ने इस सीट पर अपना कब्जा जमा लिया था। ईलम सिंह यहां से दो बार विधायक रहे। बाद में उनकी मृत्यु हो गई और उपचुनाव में 2005 में उनकी पत्नी सत्तो देवी बसपा से चुनाव जीती थी। 2007 एवं 2012 में रविंद्र मोल्हू बसपा के टिकट पर यहां से जीते। यहां की जनता ने पांच बार बसपा प्रत्याशियों को जिताने का काम किया। 2017 में भाजपा के टिकट से देवेंद्र निम ने मात्र 595 वोटों से रविंद्र मोल्हू को हराया था। रामपुर मनिहारान के वोटरों का मिजाज कोई नहीं भांप पाया। इस सीट पर दलित एवं मुस्लिम के साथ-साथ गुर्जर बिरादरी के मतदाता प्रत्याशी की किस्मत का फैसला करते है।
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रामपुर मनिहारान की पहचान कांच की चूड़ियां के कारोबार से है। यहां पर लोग अपने घरों में चूड़ियां बनाया करते थे, लेकिन बदलते परिवेश व जनप्रतिनिधियों की इस कारोबार के प्रति उदासीनता के चलते वर्तमान में यहां से चूड़ियों कारोबार खत्म हो गया है।
रामपुर मनिहारान सीट पर मतदाता
कुल मतदाता 3,22722
महिला मतदाता 1,51177
पुरुष मतदाता 1,71597
थर्ड जेंडर 8
जातिगत आंकड़े (अनुमानित)
जाति- मतदाता
मुस्लिम- 70 हजार
अनुसूचित जातियां
दलित- 71 हजार
वाल्मीकि, धोबी व खटीक 29 हजार
गुर्जर- 40 हजार
सैनी- 21 हजार
कश्यप- 19 हजार
राजपूत- 14 हजार
जाट- 11 हजार
त्यागी व ब्राह्मण- 18 हजार
अन्य जाति- 29 हजार
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मतदान केंद्र
मतदान बूथ 364
मतदान केंद्र 179
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2017 में भाजपा को मिली थी जीत
2012 में परिसीमन के बाद रामपुर मनिहारान सीट अस्तित्व में आई। 2017 में हुए चुनाव में यहां भाजपा को जीत मिली। भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र निम को 76,465 वोट मिले थे। उन्होंने बसपा प्रत्याशी रविंद्र मोल्हू को 595 के बेहद कम अंतर से हराया था। रविंद्र मोल्हू को 75,870 वोट मिले थे, जबकि सपा के विश्व दयाल छोटन तीसरे नंबर पर रहे थे। उन्हें 61,787 वोट मिले थे।
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अब तक के विधायक
1952- ठाकुर फूल सिंह (कांग्रेस)
1957- ठाकुर फूल सिंह (कांग्रेस)
1962- यशपाल सिंह पनियाला (निर्दलीय)
इसके बाद नागल विधानसभा सीट सुरक्षित हो गई
1967- राम सिंह (कांग्रेस)
1969- राम सिंह (कांग्रेस)
1974- हरिराम (कांग्रेस)
1977- राम सिंह (जनता पार्टी)
1980- रामस्वरूप निम (जनता पार्टी)
1985- चमन लाल चमन (कांग्रेस)
1989- हरफूल सिंह (जनता दल)
1991- डॉ. मामचंद लाम्बा (भाजपा)
1993- डॉ. मामचंद (लाम्बा) भाजपा
1996- इलम सिंह (बसपा)
2002- इलम सिंह (बसपा)
इलम सिंह की मौत के बाद हुए उप चुनाव में उनकी पत्नी 2005 में सत्तो देवी चुनाव जीती
2007- रविंद्र मोल्हू (बसपा)
2012- रविंद्र मोल्हू (बसपा)
2017- देवेंद्र निम (भाजपा)

रामपुर मनिहारान का गोचर कृषि इंटर कालेज- फोटो : SAHARANPUR

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