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लगातार बढ़ रही इकबाल की मुश्किलें, गिरफ्तारी की तैयारी--

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कई मामलों में वांछित खनन माफिया हाजी इकबाल की संपत्ति की जा सकती है कुर्क
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सीबीआई, एसआईटी और स्थानीय पुलिस कर रही जांच, भाई महमूद अली भी है आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर/मिर्जापुर। खनन माफिया एवं पूर्व एमएलसी हाजी मोहम्मद इकबाल उर्फ बाल्ला की मुश्किलें बढ़ रही हैं। पुलिस हाजी इकबाल के तीन पुत्रों की गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पूर्व करोड़ों की बेनामी संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। हाजी इकबाल की ग्लोकल यूनिवर्सिटी भी शासन कुर्क कर सकता है।
हाजी इकबाल और उनके भाई पूर्व एमएलसी महमूद की गिरफ्तारी की अटकलें तेज हो गई हैं। अवैध खनन से जुड़े मामलों की जांच सीबीआई और एनजीटी कर रही हैं। हाजी इकबाल पर कोतवाली बेहट और मिर्जापुर में 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह गैंगस्टर में वांछित है। नौकर के नाम पर ली गई 22 करोड़ की संपत्ति राजस्व विभाग की टीम ने तीन सप्ताह पूर्व कुर्क की थी। इसके बाद अन्य संपत्ति व ग्लोकल यूनिवर्सिटी शासन की रडार पर हैं।
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एक माह पूर्व हाजी इकबाल के साथी सनी नागपाल और अजय चांदना पर भी पुलिस ने शिकंजा कस दिया था। थाना जनकपुरी में चार मामले दर्ज किए गए थे। एसएसपी आकाश तोमर का कहना है कि स्थानीय स्तर पर पुलिस को जो भी साक्ष्य मिल रहे हैं। उनको एकत्र कर ईडी से साझा किया जाएगा।
यह मामले में हैं दर्ज
14 मार्च 2018 में फतेहपुर टांडा निवासी पाल्ला ने उसकी 7.5 बीघा जमीन पर कब्जा करने के आरोप में हाजी मोहम्मद इकबाल व उसके पुत्रों आलीशान, वाजिद, अफजाल, भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पांच अप्रैल 2018 में जनपद हरिद्वार क्षेत्र के रानीपुर निवासी राकेश अरोड़ा की 44 बीघा जमीन कब्जाने के आरोप में हाजी मोहम्मद इकबाल, उनके भाई महमूद अली, पुत्र जावेद अली के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।
पांच अप्रैल 2017 में उत्तराखंड के सहसपुर निवासी मोहम्मद राशिद ने जान से मारने की धमकी देने व धोखाधड़ी की रिपोर्ट हाजी मोहम्मद इकबाल, उनके भाई महमूद अली तथा उनके पुत्रों के खिलाफ रिपोर्ट कराई थी।
दो नवंबर 2017 में तहसील बेहट के हलका लेखपाल पंकज द्वारा हाजी मोहम्मद इकबाल, महमूद अली पर सरकारी जमीन कब्जाने का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
23 जुलाई 2018 में जमीन कब्जाने के आरोपों को आधार बनाकर हाजी मोहम्मद इकबाल, उसके दो पुत्रों जावेद और आलीशान के अतिरिक्त भाई महमूद अली के खिलाफ गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की गई थी।
छह जुलाई 2019 में किरण मनचंदा निवासी गुरुग्राम द्वारा वाहिद, रवींद्र, हाजी मोहम्मद इकबाल और चार अज्ञात के खिलाफ बंधक बनाने, लूट, गालीगलौज करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सात जुलाई 2019 में ही बेहट तहसील के गांव शफीपुर निवासी सविता पत्नी मेघराज द्वारा जमीन कब्जाने का हाजी मोहम्मद इकबाल, पुत्र वाजिद, जावेद, आलीशान के खिलाफ धोखाधड़ी से जमीन का बैनामा कराने तथा जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
20 सितंबर 2019 ग्लोकल मेडिकल कॉलेज के प्रबंधक एवं हाजी मोहम्मद इकबाल के पुत्र मोहम्मद वाजिद के खिलाफ एमआईसी के मानकों को पूरा न करने, निर्धारित से अधिक शुल्क वसूलने तथा दूसरे वर्ष की परीक्षा में एमबीबीएस छात्रों को वंचित रखने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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इन पर लगी थी गैंगस्टर
हाजी इकबाल, उसके पुत्रों व साथियों पर लकड़ी तस्करी, अवैध खनन तथा लोगों को डरा धमका कर अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। पुलिस ने हाजी इकबाल, उसके पुत्र वाजिद, जावेद, अफजाल, अलीशान निवासीगण ग्राम मिर्जापुर पोल तथा साथी राव लईक पुत्र सईद अहमद निवासी गांव रायपुर व मिर्जापुर निवासी नौकर नसीम को गैंगस्टर में निरुद्ध किया था। एसएसपी आकाश तोमर का कहना है कि गैंग लीडर खनन माफिया हाजी इकबाल है।
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