सहारनपुर। कारोबारी सहूलियतों की रैंकिंग में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर आया है। इस बदलाव को सहारनपुर के उद्यमियों और कारोबारियों ने भी महसूस किया है, जो उन्हें निवेश मित्र पोर्टल के जरिये मिला है। मगर व्यवहारिक तौर पर कई और सुधार होने की जरूरत है।
इसको लेकर जिले के उद्यमियों का कहना है कि उद्योगों के लिए माहौल में तो सुधार हुआ है। क्योंकि सिंगल विंडो सिस्टम से उद्यमियों को लाइसेंस आदि के आवेदन करने में सुगमता आई है। हालांकि काफी उद्यमी अभी भी ऐसे हैं जो नवीनीकरण से लेकर अन्य एनओसी पाने के लिए निवेश मित्र पोर्टल का उपयोग नहीं कर रहे। वहीं, बैंकों द्वारा उद्यमियों की लिमिट के नवीनीकरण में एक महीने तक का समय लगाया जाता है और उद्यमी के खाते से लेनदेन भी बंद कर दिया जाता है, जो उद्यमियों के लिए परेशानी पैदा करता है। इसमें सुधार की आवश्यकता है। जिससे उद्योग के संचालन में कोई परेशानी ना हो।
- सीएफसी का भी मिलेगा लाभ
सहारनपुर। पिलखनी इंडस्ट्री एरिया में सीएफसी (कॉमन फैसिलिटी सेंटर) बनने जा रहा है। इसका शिलान्यास पिछले दिनों ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑनलाइन किया था। इस सेंटर से वुड कार्विंग उद्यमियों को नई तकनीक के बारे में जानकारी मिलेगी और अन्य समस्याओं का भी समाधान होगा।
ये हैं अभी जरूरतें
- सभी उद्यमियों को निवेश मित्र पोर्टल से जोड़ा जाना बाकी है।
- बैंकों से लिमिट का नवीनीकरण कराने में सरलीकरण कराया जाए।
- लिमिट नवीनीकरण प्रक्रिया के दौरान खातों से लेनदेन बंद नहीं होना चाहिए।
- अनुमति के लिए कई विभागों के पास आवेदन की मूलकॉपी भेजने से मुक्ति मिले।
निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से उद्यमी हर विभाग से संबंधित आवेदन डाल सकते हैं। शासन इस पोर्टल की सीधे मॉनिटरिंग करता है। सिंगल विंडो सिस्टम होने के कारण एनओसी, अनुमति आदि के लिए इस पर आवेदन किया जाता है। सरकार की यह अच्छी पहल है लेकिन अभी भी सुधार की काफी गुंजाइश है। - रविन्द्र मिगलानी, चेयरमैन आईआईए सहारनपुर चैप्टर।
प्रदेश के औद्योगिक माहौल में सुधार आया है। इसमें अभी भी ओर सुधार होना चाहिए। कई विभागों को अनुमति के लिए अभी भी हॉर्ड कापी भेजनी पड़ती है। उद्योग लगाने और चलाने के लिए पूरा सिस्टम आसान हो। जिससे सौ फीसदी रिजल्ट आ सके। इससे न सिर्फ उद्यमियों का फायदा होगा बल्कि रोजगार के भी नए अवसर पैदा होंगे। - शिवकुमार गौड़, अध्यक्ष, सहारनपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन।
निवेश मित्र पोर्टल उद्यमियों के लिए किसी भी विभाग से एनओसी आदि लेने के लिए सिंगल विंडो है। इससे उद्यमी की शुरूआती अड़चन दूर हो रही हैं। जिससे उसका मनोबल बढ़ता है। उद्योग का नाता करीब 36 सरकारी विभागों से रहता है। यदि कोरोना संकट ना आया होता तो प्रदेश की औद्योगिक तस्वीर काफी बढ़िया होती। - प्रमोद सड़ाना, वरिष्ठ उद्यमी।
प्रदेश के औद्योगिक माहौल में काफी सुधार आया है। अब सरकारी विभागों से अनुमति और एनओसी आदि लेने के लिए 72 घंटे का समय लग रहा है। इसीलिए रेंकिंग में प्रदेश का देश में दूसरा नंबर आया है। आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में यह सरकार का ठोस कदम है। माहौल बेहतर होने से प्रदेश में निवेश बढे़गा। जिससे नए उद्यम लगेंगे। - अनुपम गुप्ता, जिलाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती।
शिव कुमार गौड- फोटो : SAHARANPUR
प्रमोद सड़ाना- फोटो : SAHARANPUR
अनुपम गुप्ता- फोटो : SAHARANPUR