सहारनपुर। ग्रामीण अंचल की सड़कों का हाल बुरा है। सड़कों में गड्ढे हो गए हैं। बरसात होने पर सड़कों पर कीचड़ फैल जाता है। क्षेत्र में एक नहीं, बल्कि एक दर्जन से ज्यादा सड़कों का यही हाल है। हर साल सड़कों की मरम्मत का दावा किया जाता है, लेकिन बरसात होते ही प्रशासन के दावे बिखर जाते हैं। पेश है ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों को लेकर रिपोर्ट...
स्टेट हाईवे तो घोषित हुआ, पर हालत सुधरने का इंतजार
गंगोह। दौलतपुर घाट से शकरपुर, लखनौती गंगोह होते हुए नानौता, देवबंद, मंगलौर तक सड़क को स्टेट हाईवे घोषित कर दिया। यह हाईवे हरियाणा, यूपी और उत्तराखंड तीन राज्यों को जोड़ता है। दौलतपुर से लखनौती छह किलोमीटर और गंगोह, नानौता से देवबंद तक करीब 42 किलोमीटर तक मार्ग में बड़े-बड़े गड्ढे हैं। व्यापार मंडल के चेयरमैन समय सिंह पंवार, भाकियू के तहसील अध्यक्ष चौधरी देशपाल सिंह ने कहा कि कई बार सड़कों की मरम्मत की मांग कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन के कान पर जूं नहीं रेंग रही है। यदि जल्द ही मार्ग ठीक नहीं किया तो क्षेत्रीय लोग आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। उधर, सहायक अभियंता नईम अहमद का कहना है कि बरसात के बाद उक्त मार्ग के गड्ढे भरकर हाइवे पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
औसत से कम बारिश के बाद भी गड्ढों में तब्दील हुई सड़कें
नकुड़। क्षेत्र में औसत से कम बारिश होने के बाद भी कई सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। नकुड़-शाहजहांपुर मार्ग यूपी, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और हिमाचल आदि प्रदेशों को आपस में जोड़ने के कारण महत्वपूर्ण हैं। इस मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि मिनट की दूरी को तय करने में कई घंटे लग जाते हैं। गांव लतीफपुर के पूर्व प्रधान राजू सरदार, सतीश सैनी, लद्देबांस के रामपाल सैनी, महीपाल सिंह ने बताया रोजाना दिल्ली व यूपी से हरियाणा, पंजाब व हिमाचल को जाने वाले भारी वाहन व यमुनानगर की लकड़ी मंडी में लकड़ियों से लदी ट्रैक्टर - ट्राली इसी मार्ग से जाती हैं। सड़क खराब होने के कारण आए दिन हादसे होते हैं। हरियाणा से दिन रात आने वाले खनन सामग्री से लदे ओवरलोड वाहन भी इस मार्ग की बदहाली की मुख्य वजह है। सहारनपुर रोड पर नकुड़ बस अड्डे से लेकर गांव पिलखनी तक की करीब पांच किलोमीटर की सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है।
देवबंद में हादसों का सबब बनी हैं टूटी सड़कें
देवबंद। इस्माइलपुर गुर्जर से गंझेड़ी ईट भट्ठे तक करीब दो किमी, गंगदासपुर जट से इस्माइलपुर गुर्जर तक डेढ़ किमी, देवबंद से मकबरा-जटोल होते उत्तराखंड के झबरेड़ा कस्बे तक, बचीटी-गंझेड़ी मार्ग ढाई किमी और अंबहेटा तिराहे से शुगर मिल-रणखंडी बाईपास तक डेढ़ किमी का टुकड़ा क्षतिग्रस्त है। थोड़ी सी बारिश होते ही सड़कों पर कीचड़ हो जाता है। इस्माइलपुर गुर्जर निवासी पारस बैंसला, श्याम कुमार बैंसला, महकार सिंह, मुकेश कुमार, पंकज मास्टर, कंवर पाल प्रधान, शुभम, सतीश, राजेंद्र, विकास आदि ने बताया कि सड़कों में गहरे गड्ढे होने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल है। लखनौती गांव निवासी मुकेश त्यागी, नूरपुर निवासी अमरीश त्यागी, नवनीत शर्मा, पवन और राधेश्याम ने बताया वाहनों के चलने से सड़कों से धूल उड़कर दुकानों में घुस जाती है। इससे लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है और व्यापार भी प्रभावित होता है। उधर, देवबंद विधायक ब्रिजेश सिंह ने कहा देवबंद क्षेत्र की जो सड़कें टूटी पड़ी हैं, वह सभी काम मरम्मत के हैं। जिन्हें बरसात खत्म होने के तुरंत बाद संपन्न कराया जाएगा।
सुगम आवामन में बाधक बने खस्ताहाल वन-वे पुल
छुटमलपुर। कुंभ नगरी हरिद्वार को सिद्ध पीठ शाकंभरी देवी से जोड़ने वाले फतेहपुर-कलसिया स्टेट हाईवे पर मांडुवाला और संसारपुर गांव में नदियों पर बने पुल वन-वे होने के साथ ही खस्ताहाल हैं। इन पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है। मांडुवाला में हिंडन नदी पर बने पुल की रेलिंग टूटी पड़ी है। कई बार इससे वाहन नदी में नीचे गिर चुके हैं। वन-वे होने के कारण पुल पर दुर्घटना होने की दशा में कई बार पूरे दिन या रात भर आवागमन बाधित रह चुका है। कभी अंग्रेजी शासन में सेना के वाहनों के बादशाही बाग स्थित खैरी फायरिंग रेंज जाने के लिए बनाई यह सड़क वर्तमान में हाट मिस्क से बनी हुई है। सड़क तो अच्छी बनी है, लेकिन वन-वे पुल आवागमन में बाधा पौदा करते हैं। गन्ने के सीजन में यहां जाम लगना आम बात है। पूर्व ब्लाक प्रमुख राव फजलुर्रहमान, जिला पंचायत सदस्य रागिब अली, गिरीराज सिंह राणा, पूर्व प्रधान नरेश स्वामी आदि ने कहा कई बार वे मांग कर चुके हैं, लेकिन नये पुलों का निर्माण नहीं कराया जा सका है।
गंगोह क्षेत्र में खस्ताहाल पड़ा घोषित स्टेट हाईवे- फोटो : SAHARANPUR
गड्ढों में तब्दील हुआ नकुड़-शाहजहांपुर मार्ग- फोटो : SAHARANPUR
फतेहपुर कलसिया मार्ग पर हिंडन नदी का जर्जर वन वे पुल- फोटो : SAHARANPUR