बेहट क्षेत्र में सड़क पर दौड़ता डंपर। संवाद
सहारनपुर। बेहट, चिलकाना और सरसावा क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन को लेकर जिला प्रशासन ने जांच बिठा दी है। जांच के दायरे में करीब 100 से अधिक स्टोन क्रशर आए हैं, जिन पर यह जांच की जा रही है कि खनिज का स्रोत क्या है और उनके पास कितना स्टॉक जमा है। अभी तक करीब 25 स्टोन क्रशर की जांच हो चुकी हैं, जिनमें खामियां पाई गई हैं।
जिले में खनन के तीन ही पट्टे हैं, जबकि स्टोन क्रशर की संख्या 100 से ज्यादा है। ऐसे में यह साफ है कि इन क्रशर को कच्चा माल कहीं न कहीं अवैध खनन से ही प्राप्त होता है। यमुना किनारे के गांवों में रेत और पत्थर के अवैध खनन की लगातार शिकायतें भी प्रशासन को विभिन्न माध्यमों से मिलती रहती है।
जिला प्रशासन द्वारा की जा रही जांच में स्टोन क्रशर के स्टाक, साल भर में उसके द्वारा पट्टाधारक से खरीदे गए कच्चे और उसके सापेक्ष बेचे गए माल की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान क्रशर संचालक द्वारा मेंटेंन किए गए रिकार्ड और मौके पर उपलब्ध स्टाक का भी मिलान किया जा रहा है।
अब तक 25 से अधिक स्टोन क्रशर पर जांच हो चुकी है, जिसमें अलग-अलग तरह की खामियां मिली है। जिले में फर्जी रायल्टी पर भी अवैध खनिज का परिवहन किया जाता है। इस तरह के मामले पूर्व में कई बार पकड़े जा चुके हैं।
इन फर्जी रायल्टी का उपयोग क्रशर पर रखे गए अवैध स्टाॅक को ठिकाने लगाने में किया जाता है। जिला प्रशासन की इस जांच से अवैध खनन के खेल में संलिप्त क्रशर संचालकों में हड़कंप मचा है।