Separated families received child.
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सहारनपुर के सरसावा में मंगलवार को पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया जब दो वर्ष पहले मां-बाप से बिछड़ा बच्चा परिजनों को मिल गया। मासूम को देख मां फफक कर रो पड़ी।
वहीं पिता की आंखें भी नम हो गयी। परिजनों ने पुलिस और बच्चे का संरक्षण करने वाले नगर के युवक एवं धार्मिक संस्था आभार जताया। प्रभारी थानाध्यक्ष एएसपी डा. सतीश कुमार ने बताया कि एसएसपी के निर्देश पर चल रहे एक अभियान के तहत माता पिता से बिछड़े बालक को परिजनों को सौंप दिया गया।
मंगलवार को पति के साथ थाने पहुंची बालक की मां मनीता ने बताया कि वह जम्मू की निवासी है। पति की मौत के बाद उसने बिहार के सहरसा जिले के श्रवण से विवाह कर लिया और अपने 10 वर्षीय पुत्र को साथ लेकर श्रवण के साथ मुंबई में रहने लगी।
डेढ़ साल पहले वह अपने पति के साथ वैष्णो देवी की यात्रा पर गयी। वापसी में जम्मू रेलवे स्टेशन पर उनका पुत्र मुकेश बिछड़ गया। एएसपी ने बताया बालक किसी प्रकार सरसावा पहुंच गया तथा सोनू शर्मा को भटकता हुआ मिल गया।
जिसे लेकर सोनू थाने पहुंचा जहां तत्कालीन थानाध्यक्ष नरेश चौहान ने बच्चे के परिजनों को खोजने के प्रयास में जम्मू पुलिस से संपर्क साधा लेकिन कोई नतीजा नही निकला। जिसके बाद बच्चे को नगर की धार्मिक संस्था प्राणनाथ ज्ञानपीठ केंद्र में भर्ती करा दिया।
उस समय जम्मू पुलिस को किया गया संपर्क काम आया। कुछ दिन पूर्व जम्मू पुलिस ने डीसीआरबी सहारनपुर से संपर्क किया और बालक के बारे में जानकारी कर उसके परिजनों को सरसावा भेज दिया। जहां बालक ने देखते ही अपनी मां को पहचान लिया। एएसपी के निर्देश पर बच्चे को परिजनों को सौंप दिया गया।