छुटमलपुर। मंडलायुक्त सहारनपुर एवी राजमौलि ने शनिवार दोपहर फतेहपुर कोविड-19 अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखा। उन्होंने कोरोना संक्रमित गंभीर रोगियों पर इस्तेमाल किए जाने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की अस्पताल में उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही तकनीकी कार्यों के लिए आउटसोर्सिंग से चार कर्मियों की तैनाती कर उनकी जवाबदेही तय करने के निर्देश चिकित्सा इंचार्ज को दिए।
दोपहर करीब पौने एक बजे अस्पताल पहुंचे मंडलायुक्त ने एक घंटा तक पचास बिस्तरों की क्षमता वाले कोविड-19 लेवल टू अस्पताल का गहनता के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने रोगियों के भर्ती कक्ष, शौचालय, बाथरूम, नर्सिंग स्टेशन आदि की सफाई, वेंटिलेशन की स्थिति को परखा। चिकित्सीय टीम की संख्या की जानकारी के साथ उन्होंने तीनो शिफ्टों में दो-दो सफाईकर्मियों की तैनाती पूरे समय के लिए किए जाने के निर्देश दिए। अग्निशमन यंत्र की एक्सपायरी देखी। उसे चलाने के लिए किसी प्रशिक्षित कर्मचारी की तैनाती को कहा। बताया कि कानपुर और महाराष्ट्र में आग लगने की घटना से सबक लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से हालात बिगड़ रहे हैं, ऐसे में अस्पताल में वेंटिलेटर को तैयार रखें। रेमडेसिवीर इंजेक्शन की पचास यूनिट तत्काल मंगाने के लिए उन्होंने कहा। मंडलायुक्त ने रोगियों के बिस्तर की चादर और तकिये के कवर को रोज बदलने के साथ ही चिकित्सकों को रोगी के साथ स्नेहपूर्वक व्यवहार करने के निर्देश दिए। इंचार्ज ने बताया कि दो हजार चादर और सौ तकियों की मांग की गई है। मंडलायुक्त ने सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए स्टेशन बनाकर कर्मचारी तैनात करने के साथ ही रोगियों की वीडियो काल पर बात कराने की व्यवस्था बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कोल्ड चैन के निरीक्षण के दौरान कोविड टीकाकरण की धीमी गति की वजह पूछी। इस पर इंचार्ज ने बताया कि रमजान और गेहूं कटाई के चलते अभी कम लोग टीका लगवाने आ रहे हैं।