नेहरू मार्केट तिराहे से लोहानी सराय की ओर जाने वाले मार्ग पर करीब 50 साल से दोनों ओर अस्थाई दुकानें लग रही हैं। इसकी शुरुआत तिब्बत से गर्म कपड़े बेचने के लिए आने वालों ने की थी। उसके बाद स्थानीय लोग सड़क के किनारों पर कब्जा करते चले गए। वर्तमान में उन्होंने लोहे के खोखे नुमा दुकानें बनाई हुई हैं। बीते कुछ समय से नगर निगम की इस मार्केट पर टेढ़ी नजर है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि बिना जगह आवंटन के लगाई जा रही दुकानें अवैध हैं, जिनकी वजह से प्रतिदिन जाम लगता है और राहगीरों को परेशानी होती है। नवंबर 2024 में नगर निगम ने मार्केट हटाने के लिए नोटिस जारी किए थे, लेकिन मामला दब गया। अब नगर निगम मार्केट को पूरी तरह हटाने के मूड में है। दुकानदारों को दुकानें हटाने के लिए पहले कहा जा चुका है।
शनिवार को नगर निगम ने सभी अवैध दुकानों पर नोटिस चस्पा किए थे, जिनमें 18 जनवरी तक खुद ही दुकानें हटाने को कहा गया था। अन्यथा की स्थिति में 19 जनवरी से जबरन दुकानें हटाने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन दुकानदारों पर नगर निगम की चेतावनी का असर नजर नहीं आया। 18 जनवरी रविवार को दुकानें पहले की तरह सजी नजर आईं। यहां तक कि नगर निगम द्वारा लगाए गए नोटिस भी ज्यादातर दुकानदारों ने फाड़कर फेंक दिए।
दुकानदारों का पक्ष
- तिब्बती मार्केट के अध्यक्ष नौशाद का कहना है कि लोन लेकर दुकानें खोली हुई हैं। दुकानें हटीं तो दवा, रोटी और बच्चों की फीस तक का संकट होगा।
- मोहम्मद सैफ का कहना है कि वह सभी नगर निगम से दयादृष्टि चाहते हैं। यदि उन्हें हटाया जाता है तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जाएगा।
तिब्बत मार्केट की खबर का फोटो- मोहम्मद सैफ
तिब्बत मार्केट की खबर का फोटो- मोहम्मद सैफ
तिब्बती मार्केट दुकान पर कब्जा करके बनाई गईं हैं, जिसके अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या बन रही है। महापौर और नगर आयुक्त के निर्देश पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। सोमवार से मार्केट को हटाने की कार्रवाई शुरू होगी।
- सुधीर शर्मा, अतिक्रमण प्रभारी, नगर निगम