माफिया पर चोट, खनन का पट्टा निरस्त
सहारनपुर। ई-निविदा और सह ई-नीलामी की पूर्व में हुई प्रक्रिया को जिलाधिकारी ने रद्द कर दिया है। अब नई प्रक्रिया के तहत तहसील बेहट बेल्ट के नुनियारी अहतमाल में पांच साल का खनन पट्टा स्वीकृत किया जाएगा। यह पट्टा पूर्व में 807 रुपया प्रति घन मीटर में छोड़ा गया था, जिसकी इस बार सेटिंग से बोली महज 158 रुपये में लगवा ली थी।
ई-निविदा और सह ई-नीलामी में प्रदेश सरकार के राजस्व को कुछ खनन माफियाओं ने चूना लगाया था। दरअसल, एक खनन माफिया ने खुद एक पूल बनाया था, जिसमें उसी के साथियों ने बोली लगाई थी। सभी ने बेहद कम बोली लगाई और अंत में आखिरी बोली माफिया के नाम ही बहुत मामूली रकम में छोड़नी पड़ी थी। अमर उजाला ने इस मामले को गंभीरता से उठाया था। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, निदेशक, जिलाधिकारी आदि से की गई थी। ई-निविदा और सह ई-नीलामी से वंचित रहे कंपनी के कुछ लोग धांधली की शिकायत लेकर हाईकोर्ट चले गए। वाद दायर किया गया। मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी शिकायत की गई। शासन से भी इस मामले को गंभीरता से लिया गया।
वहीं, वंचितों ने ई-नीलामी की पुरानी प्रक्रिया निरस्त करके नए सिरे से करने की मांग की थी। मांग को स्वीकार करते हुए जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने 20 जनवरी 2020 को ग्राम नुनियारी अहतमाल तहसील बेहट को लेकर जारी की गई विज्ञप्ति को निरस्त कर दिया। उन्होंने यह भी माना है कि इस प्रक्रिया के तहत ई-नीलामी में 158 रुपये प्रति घन मीटर का ऑफर दिया गया था, जो पूर्व के 807 रुपया प्रति घन मीटर के मुकाबले बेहद कम था। डीएम ने इस प्रक्रिया के तहत नुकसान होने की बात को स्वीकार करते हुए असंतोष भी जताया और नई प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जारी कर दिए। डीएम ने कहा कि राजस्व को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। पारदर्शी तरीके से दोबारा ई-नीलामी होगी। पूल बनाकर या सिंडिकेट के तहत कोई पट्टा आवंटित नहीं होने दिया जाएगा। इस पर नजर रखने को टीम भी बना दी है।