कोरोना से अनाथ हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की पहल
सहारनपुर। कोरोना संक्रमण की वजह से जिन बच्चों के माता-पिता का निधन हो गया है, उनके दर्द को दूर करने की कवायद तेज कर दी गई है। जिले में 50 से अधिक बच्चे ऐसे हैं, जिनके माता अथवा पिता की मृत्यु कोरोना की वजह से हुई। इन बच्चों को चार हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। कक्षा नौ पास करने पर लैपटॉप और 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर लड़की की शादी का खर्चा भी सरकार उठाएगी।
प्रोबेशन विभाग ने इसको लेकर जिले भर में सर्वे कराया है। सर्वे में जिले भर में 349 ऐसे बच्चे मिले हैं, जो अनाथ हैं। इनमें से करीब 50 से अधिक बच्चों के माता-पिता की कोरोना की वजह से मौत हुई है, जबकि अन्य बच्चों के अभिभावकों की मौत के कारण में भी कोरोना जैसे लक्षण ही मिले थे, जो जांच कराने से पूर्व ही दम तोड़ गए।
बाल सेवा योजना के तहत अब प्रदेश सरकार ने इन बच्चों के पालन पोषण के लिए गाइड लाइन जारी कर दी है। केंद्र सरकार की मदद से प्रदेश सरकार प्रथम चरण में उन बच्चों को चार हजार रुपये प्रतिमाह देगी, जो कोरोना की वजह से अनाथ हुए। 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर लड़की की शादी का खर्चा भी सरकार उठाएगी। इसको लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
दूसरे चरण में अन्य बच्चों को भी योजना में शामिल किया जाएगा। इन बच्चों को राजकीय बाल गृह (शिशु) में रखा जाएगा। अवयस्क बालिकाओं की देखभाल एवं उनकी शिक्षा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (आवासीय) में होगी। इसके अलावा जल्द बनने वाले अटल आवासीय विद्यालयों में भी इन बच्चों को रखा जाएगा। विवाह के लिए एक लाख एक हजार रुपये की राशि दी जाएगी।
बच्चों का दाखिला कराने के दिए निर्देश
सहारनपुर। महानगर के मोहल्ला जनक नगर स्थित एमजीएम स्कूल संचालक के प्रबंधक सौरभ सिंघल ने जिलाधिकारी अखिलेश सिंह को पत्र भेजकर कोरोना से अनाथ हुए बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठाने के लिए कहा था। इसकी सराहना करते हुए जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखकर निर्देश दिया कि अनाथ बच्चों का स्कूल में दाखिला कराएं।
कोरोना संक्रमण की वजह से अनाथ हुए बच्चों को बाल सेवा योजना के तहत सरकार चार हजार रुपये प्रतिमाह देगी। कक्षा नौ पास करने के बाद लैपटॉप दिया जाएगा। 18 वर्ष की उम्र पूरी होने पर लड़कियों की शादी का खर्चा सरकार उठाएगी। - पुष्पेंद्र सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी