सहारनपुर के बेहट में श्रीनगर में तैनात जाटोवाला गांव निवासी सीआरपीएफ के जवान बसंत की मौत खबर लगने के बाद से उसके परिवार में कोहराम मचा है। गांव में शोक की लहर है।
पिता कलीरा और मां सुनीता बेसुध है। बहन मधु का भी रो-रोकर बुरा हाल है। मजदूरी करने वाले कलीराम को बड़े बेटे से ढेर सारी उम्मीदें थी। गरीबी और आर्थिक तंगी में काफी समय पहले कलीराम ने अपनी दो बीघा जमीन भी बेच दी थी और मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहे थे।
बेटे की नौकरी लगने के बाद से उन्हें उम्मीद थी कि कम से कम अब बीटिया के हाथ पीले हो जाएंगे, लेकिन जवान बेटे की मौत ने उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया।
भाजपा नेता राणा आदित्य प्रताप सिंह सीआरपीएफ जवान बंसत की मौत की खबर लगने के बाद उसके गांव जाटोवाला पहुंचे और मृतक के परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।
उन्होंने एसडीएम बेहट डॉ. सुरेश से दूरभाष पर वार्ता कर पीड़ित परिवार को शासन स्तर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने की मांग की। उनके साथ विनोद शर्मा, सोनू कुमार, मिर्जा जुलफक्कार मुईजी आदि भाजपा कार्यकर्ता भी थे।