फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मांग कम होने से रफ्तार नहीं पकड़ पाए उद्योग

विज्ञापन
शिव कुमार गौड - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
सहारनपुर। अनलॉक होने के बावजूद एमएसएमई क्षेत्र के उद्योग अभी भी पूरी रफ्तार नहीं पकड़ सके हैं। इसका बड़ा कारण बाजार में डिमांड की कमी बताई जा रही है। इसके चलते उद्योगों में क्षमता का 30 से 40 प्रतिशत ही काम हो रहा है। उद्यमियों को सरकार से ओर सहयोग की अपेक्षा है। जिले में आए प्रवासी श्रमिकों को भी रोजगार देने की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन

जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) की करीब 1500 से इकाइयां स्थापित हैं। लॉकडाउन में देश व्यापी बंदी के चलते सभी इकाइयां बंद रहीं। अब सरकार की ओर से अनलॉक किए जाने के बाद उद्यमियों ने अपनी इकाइयों में काम को शुरू किया है, लेकिन उद्योग लॉकडाउन के विपरीत प्रभाव से अभी भी उबर नहीं पाए हैं। क्योंकि बाजार ने अभी तक भी अपना रूटीन नहीं पकड़ा है। जिससे उत्पादों की डिमांड में कमी है। इसके चलते जनपद में एमएसएमई क्षेत्र की इंडस्ट्रीज में मात्र 30 से 40 फीसदी तक ही काम हो पा रहा है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चैप्टर चेयरमैन रविन्द्र मिगलानी ने बताया कि सरकार को संकट के इस दौर एमएसएमई क्षेत्र की मदद करनी चाहिए। लॉकडाउन के दौरान दो से ढाई महीने तक इंडस्ट्रीज बंद रहीं। सरकार ने एक महीने का बिजली फिक्स चार्ज माफ किया है, जबकि संगठन ने दो महीने का माफ करने की मांग की थी। सरकार को यह मांग माननी चाहिए। इसके साथ ही लॉकडाउन की अवधि का बैंक लोन का ब्याज भी माफ होना चाहिए। क्योंकि काम और ट्रांजेक्शन ही बंद रहा है। उद्योगों को बचाने के लिए सरकारी विभागों के नियमों के अनुपालन में छूट दी जानी चाहिए।
सहयोग मिले तो बना सकते हैं चीन के उत्पादों का विकल्प
आईआईए के चैप्टर चेयरमैन रविन्द्र मिगलानी ने बताया कि जिले में एमएसएमई क्षेत्र की करीब 1500 इकाइयां हैं। यदि सरकार सुविधाएं उपलब्ध कराए तो जिले में कई चीनी उत्पादों का विकल्प भी तैयार किया जा सकता है। इनमें ऑटोमोबाइल पार्ट्स, लेदर प्रोडक्ट, टेक्सटाइल कलर्स, झालर आदि का निर्माण यहां के उद्योगों में आसानी से हो सकता है।
विज्ञापन

सहारनपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवकुमार गौड़ का कहना है कि प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने की प्रक्रिया शुुरू हो गई है। मैने स्वयं पंजाब से आए तीन टर्नर को अपनी इंडस्ट्री में रखा है। योग्यता के अनुसार प्रवासी श्रमिकों को काम दिया जाएगा। उन्होंने सरकार से एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक अलग आर्थिक पैकेज देने की मांग करते हुए कहा कि इससे ही इस क्षेत्र को संकट से उबारा जा सकता है। बता दें कि जिले में 9973 प्रवासी श्रमिक चिह्नित हुए हैं।

रविंद्र मिगलानी- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें