सहारनपुर। जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा है कि लोगों को अपने बच्चों के लिए बैंक बैलेंस बढ़ाने नहीं, बल्कि पानी बचाने के बारे में सोचना चाहिए। क्योंकि आने वाला समय पेयजल को लेकर संकट भरा होने वाला है। आज भारत के पानी, जवानी और किसानी को संभालने की जरूरत है। वह शनिवार को जनमंच प्रेक्षागृह में जल संरक्षण में नदियों और तालाबों की भूमिक विषय पर आयोजित सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। राजेंद्र सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि आज 84 प्रतिशत पानी हम किसानी पर खर्च कर रहे हैं। सरकार को कम पानी की फसलों को प्रोत्साहन देने के लिए एक प्रोत्साहन राशि देने की नीति बनानी होगी। किसानों को भी सोचना पडे़गा। रेन पैटर्न को क्रॉप पैटर्न के साथ जोड़कर देखना होगा। अपनी भावी पीढ़ियों के लिए हमें बैंक बैलेंस नहीं कुंओं, तालाबों और नदियों में पानी बचाकर रखना होगा। कहा कि सहारनपुर भी डार्क जोन में है। यह सहारनपुर के लिए चेतावनी है। उन्होंने ढमोला, पांवधोई सहित अनेक नदियों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि इन नदियों को जीवित रखना है तो उनके प्रवाह को धीमा करना होगा। राजेंद्र सिंह के साथ आये रमेश भाई ने कविता के माध्यम से नदियों को बचाने का संदेश दिया। पर्यावरणविद् संजय राणा, आईपीएस चिराग जैन, रजनीश चौहान के अलावा धर्म गुरु मौलवी फरीद, कारी अनवर, पंडित जयप्रकाश याज्ञिक, पंडित अजय किरण, फादर संजय, मुख्य ग्रंथी भाई वीर सिंह ने भी धर्मग्रंथों के उद्धरण देते हुए जल संरक्षण का संदेश दिया।
156 तालाबों की खुदाई शुरू
महापौर संजीव वालिया ने राजेंद्र सिंह व अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि निगम ने अपनी कार्ययोजना में 156 तालाबों की खुदाई का काम शुरू किया है। साथ ही उनका सौंदर्यीकरण भी किया जा रहा है। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने सभी अतिथियों का आभार जताते हुए कहा कि सहारनपुर नगर निगम अपनी भावी पीढ़ियों को स्वस्थ पर्यावरण देने के लिए जल संरक्षण व पर्यावरण संरक्षण पर लगातार काम कर रहा है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक सुखबीर पुंडीर, मुकेश कपिल, डॉ. पीडी गर्ग, विश्वजीत पुंडीर, डॉ. पीके शर्मा, आमिर खान, तेज क्वात्रा, दलजीत कोचर, अरविंद शर्मा, डॉ. सतेंद्र, संजय सैनी, ममता सिंघल, संगीता गोयल, मिथलेश अग्रवाल आदि ने राजेंद्र सिंह से मुलाकात की।