फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बढ़ रहे हेपेटाइटिस के मरीज, चिकित्सा विभाग गंभीर नहीं

विज्ञापन
डाक्टर सतीश कुमार - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
सहारनपुर। यदि समय से इलाज न कराया जाए तो हेपेटाइटिस बी और सी गंभीर बीमारी है, जिसमें मरीज की जान तक चली जाती है। इसके बावजूद चिकित्सा विभाग इसे लेकर ज्यादा गंभीर नहीं है। क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के पास इन मरीजों का कोई पुख्ता आंकड़ा नहीं है। वहीं हेपेटाइटिस बी के मरीजों की दवाएं भी कई माह में अब आई है।
विज्ञापन

दरअसल, हेपेटाइटिस बी और सी, जिसे सामान्य भाषा में पीलिया कहा जाता हैै एक गंभीर बीमारी है। यदि समय से जांच और इलाज कराया जाए तो मरीज के ठीक होने की संभावना अधिक रहती है। लापरवाही बरतने पर जानलेवा भी साबित हो सकता है।
एसबीडी जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि सामान्य पीलिया सामान्य दवाओं से ठीक हो जाता है, लेकिन हेपेटाइटिस बी और सी खतरनाक पीलिया होता है, जो लीवर पर अटैक करता है। यह एक शांत संक्रमण है। अधिकतर लोगों को इस संक्रमण के होने का पता ही नहीं चल पाता है। हेपेटाइटिस बी और सी लीवर कैंसर का कारण बनता है। ऐसे में जरूरी है कि कोई भी लक्षण नजर आने पर तुरंत अच्छे चिकित्सक से संपर्क करें।
विज्ञापन

फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि हेपेटाइटिस लीवर से जुड़ी बीमारी है। इसके लक्षण अन्य बीमारियों से काफी मिलते-जुलते हैं। इसीलिए डायग्नॉस्टिक टेस्ट के बिना इसकी पहचान करना आसान नहीं होता है। यह संक्रमण पांच प्रकार के हेपेटाइटिस वायरस के कारण होता है। इसमें हेपेटाइटिस-ए, बी, सी, डी और ई (एचएवी, एचबीवी, एचसीवी, एचवीवी और एचईवी) शामिल हैं।
आठ माह पहले मिलनी शुरू हुई थीं मुफ्त दवाएं
हेपेटाइटिस बी और सी की दवाएं मुफ्त मिलने की शुरूआत करीब आठ माह पहले से हुई। हेपेटाइटिस-बी और सी की दवाएं दो अलग-अलग तरह की डिब्बियों में आती हैं। बाजार में इन दोनों डिब्बियों की कीमत आठ से दस हजार रुपये है। इस लिहाज से मरीज की एक माह की दवाएं 10 से 15 हजार रुपये तक आती है।
दवा लेने पहुंच रहे मरीज, पर नहीं है आंकड़ा
हेपेटाइटिस बी और सी के जिले में कितने मरीज मिल रहे हैं, इसकी जानकारी मलेरिया विभाग और सीएमओ कार्यालय तक में नहीं है। वहीं, एसबीडी जिला अस्पताल के स्टोर से दवा लेने वाले मरीज का पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज है। इस रिकॉर्ड के अनुसार मार्च माह में 22, अप्रैल में 29, मई में आठ, जून में नौ तथा जुलाई में 45 मरीज हेपेटाइटिस सी की दवा लेने पहुंचे हैं।
विज्ञापन

हेपेटाइटिस फैलने के कारण
- हेपेटाइटिस ए दूषित भोजन और पानी के सेवन से फैलता है।
- हेपेटाइटिस बी संक्रामक रक्त या किसी दूसरे द्रव्य पदार्थों के संपर्क में आने पर फैल सकता है।
- हेपेटाइटिस सी यानी एचसीवी (हेपेटाइटिस -सी वायरस) के कारण होता है और संक्रमित खून या इस्तेमाल की हुई सुई के लगाने से होता है।
- हेपेटाइटिस डी, डी वायरस के कारण होता है। हेपेटाइटिस डी सिर्फ उनको होता है जो पहले से ही हेपेटाइटिस बी से ग्रस्त होते हैं।
- हेपेटाइटिस बी व हेपेटाइटिस डी दोनों के साथ होने पर स्थिति काफी जटिल हो जाती है।
- हेपेटाइटिस ई फैलने का मुख्य कारण भी दूषित जल और भोजन होता है।
हेपेटाइटिस के लक्षण
- बुखार तथा त्वचा और आंखों में पीलापन होना।
- पेशाब का पीला आना और थकान रहना।
- भूख नहीं लगना तथा जी कच्चा रहना और उल्टी आना।
- वजन कम होना और पेट में दर्द होना।
- जोड़ो में दर्द और डायरिया होना।
- फ्लू वाले लक्षण आना।
हेपेटाइटिस से बचाव
- भोजन करने से पहले हाथों को अच्छे से धुलें।
- दूषित पानी और दूषित भोजन करने से बचें।
- हेपेटाइटिस बी का टीका जरूर लगवाएं।
- इस्तेमाल की गई सुई से इंजेक्शन न लगवाएं।
- असुरक्षित यौन संबंध से बचना चाहिए।
- नाई और एक ही ब्लेड से शेव नहीं करानी चाहिए।

डाक्टर संजीव मिगलानी- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें