सहारनपुर। दीपावली और धनतेरस पर वन्यजीव तस्कर सक्रिय हो गए हैं, जिसको देखते हुए वन विभाग ने भी शिकारियों की धरपकड़ पर ध्यान फोकस कर दिया है। आला अफसरों ने वन विभाग के कर्मियों के अवकाश लेने पर रोक लगा दी है तो वन कर्मियों को गंभीरता से गश्त करने का निर्देश दिए गए है।
कुछ दिन पहले ही वन विभाग की टीम ने हरियाणा के चार शिकारियों को गिरफ्तार किया था जो ग्राम छिदबना के जंगल में शिकार करने आए थे। इन आरोपियों के पास से खरगोश, गीदड़ सहित अन्य वन्यजीव मृत मिले थे। कुतुबशेर थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराकर आरोपियों को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया था। ऐसे शिकारियों की आगे भी धरपकड़ करने के लिए वन विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं।
जिले में आठ वन रेंज
सहारनपुर जिले में शिवालिक वन प्रभाग और सामाजिक वानिकी क्षेत्र में आठ वन रेंज हैं। इनमें निगरानी के लिए वन रक्षक, वन दरोगा, वाचर, डिप्टी रेंजर और रेंजर की तैनाती है। करीब 100 से अधिक वन कर्मियों की ड्यूटी वन क्षेत्र में शिकारियों की धरपकड़ के लिए लगाई गई हैं।
शिवालिक वन क्षेत्र में बहुत से वन्यजीव
जिले के वन क्षेत्र में उल्लू बड़ी संख्या में है। विभागीय स्तर पर इनकी गणना तो नहीं हुई मगर माना जाता है कि 50 हजार से ज्यादा उल्लू वन क्षेत्र में हैं। इनके अलावा गुलदार, चौसिंघा, बन रोज, घुरल, सांभल, चीतल, बारहसिंघा, काकड़, बंदर, लंगूर, लोमड़ी, सियार, मोर, वन गाय, जंगली बिल्ली, बिज्जू, सेही और गोह सहित अन्य वन्य जीव भी पाए जाते हैं।
उल्लू को तलाशते हैं शिकारी
उल्लू को मां लक्ष्मी का वाहन माना जाता है। दीपावली और धनतेरस पर शिकारियों की नजर उल्लू पर रहती है। क्योंकि अंधविश्वास के कारण लोग तांत्रिक क्रिया में उल्लू का इस्तेमाल करते हैं।
वन क्षेत्र में शिकारियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। वन कर्मियों को गंभीरता से गश्त करने का निर्देश है। शासन ने वन कर्मियों की छुट्टी पर रोक लगा दी है। इस संबंध में एक सप्ताह पूर्व ही आदेश आया है। - विजय सिंह, जिला वनाधिकारी