जिला अस्पताल में सीएमओ की कुर्सी पर काबिज होने को लेकर दो सीनियर चिकित्सकों के बीच विवाद गहरा गया है। शनिवार को उस समय असमंजस की स्थिति बन गई, जब एक चिकित्सक ने एडी हेल्थ का आदेश पत्र दिखाते हुए सीएमओ की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया। ऐसे में पहले से प्रभारी सीएमओ के तौर पर कार्यभार संभाल रहे दूसरे चिकित्सक ने सोफे पर बैठकर काम किया। एक साथ दो सीएमओ होने से अस्पताल में अजीब सी स्थिति बन गई।
डॉ. सईद मोहम्मद जिला अस्पताल में सीएमओ थे। पदोन्नति होने के बाद वह कानपुर चले गए हैं। उन्होंने सीनियरिटी के आधार पर डॉ. विक्रम पुंडीर को प्रभारी सीएमओ का कार्यभार सौंपा था। इसी बीच जिला जेल में तैनात डॉ. अनिल कुमार के डॉ. विक्रम पुंडीर से सीनियर होने की बात सामने आई।
डॉ. अनिल कुमार ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अपर निदेशक का आदेश पत्र दिखाते हुए सीएमओ कार्यालय का ताला खुलवाकर सीएमओ की हैसियत से काम शुरू कर दिया। ऐसे में प्रभारी सीएमओ के तौर पर काम संभाल रहे डॉ. विक्रम पुंडीर ने सीएमओ कार्यालय में ही पड़े सोफे पर बैठकर काम शुरू कर दिया। सीएमओ की गाड़ी को लेकर भी विवाद शुरू हेे गया है।
डॉ. विक्रम ने डॉ. अनिल को लिखी चिट्ठी
एक पत्र डॉ. विक्रम सिंह की ओर से डॉ. अनिल कुमार को लिखा गया है। पत्र में कहा गया है कि अपर निदेशक ने आपको चार्ज देने के आदेश दिए हैं,मगर डीएम ने सही निर्णय के लिए प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। साथ ही प्रमुख सचिव का निर्णय आने तक यथा स्थिति बनाए रखने की बात कही है। ऐसे में आप जिला कारागार में ही कार्य करें।
डॉ. अनिल को चार्ज सौंपने के निर्देश
डॉ. विक्रम सिंह को चार्ज दिए जाने पर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अपर निदेशक ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नाम एक पत्र लिखा है। जिसमें लिखा गया है कि डॉ. अनिल कुमार सीनियर चिकित्सक हैं। उनके होते हुए डॉ. विक्रम सिंह को चार्ज दिया जाने से मंडल आयुक्त ने नाराजगी जताई है। ऐसे में डॉ. अनिल कुुमार को चार्ज सौंपना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी पूछा है कि किन परिस्थितियों में ऐसा हुआ?
डीएम ने प्रमुख सचिव को पत्र लिखा
पूरे मामले में डीएम शफकत कमाल की ओर से प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि डॉ. विक्रम पुंडीर को जिला अस्पताल में सीनियरिटी के आधार पर प्रभारी सीएमओ का चार्ज दिया गया है।
अपर निदेशक ने जेल में तैनात डॉ. अनिल कुमार उनसे सीनियर बताते हुए सीएमओ का चार्ज देने को कहा गया है। मुझे बताया गया है कि जेल में तैनात चिकित्सक जेल प्रशासन के अधीन आता है। ज्ञात हुआ है कि डॉ. अनिल कुमार को अनुभव भी कम है। साथ ही उनके खिलाफ रिकार्ड गायब करने की कार्रवाई भी शासन से लंबित है। ऐसे में आपसे अनुरोध है कि अपने स्तर से सही निर्णय लेकर समस्या का समाधान करें।