विधानसभा चुनाव से ठीक पहले काजी परिवार में फिर से बगावत के सुर के फूट गए हैं और तीसरा फाड़ होता नजर आ रहा है। इस बार इमरान मसूद के सगे भाई सलमान मसूद ने समर्थकों के साथ बैठक कर नकुड़ से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। हालांकि इस सीट से कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने भी दावेदारी की है। मगर, इससे इतर सलमान ने भाई के खिलाफ बागी सुर अपनाते हुए मैदान में खम ठोकने की बात की।
मंगलवार को मेघछप्पर स्थित आवास पर अपने समर्थकों के साथ बैठक में कांग्रेसी नेता सलमान मसूद ने अपने भाई और प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति लोकसभा का चुनाव लड़ चुका हो, उसका विधानसभा चुनाव से क्या मतलब।
मगर, बदले सियासी समीकरण में अपना लाभ साधने के लिए इमरान मसूद ने अब नकुड़ से दावेदारी कर रहे हैं। जबकि पिछले कई वर्षों से यहां मैं सियासी सक्रिय रहा हूं। बताया कि यदि कांग्रेस उन्हें टिकट नहीं देती है तो उनके पास निर्दलीय का विकल्प है।
सलमान मसूद की यह बगावत इस मायने में भी खास मानी जा रही है कि क्योंकि लोकसभा चुनाव से पहले ही काजी परिवार में पहली बार बगावत हुई थी। पूर्व सांसद रशीद मसूद ने कांग्रेस में रहने के दौरान इमरान मसूद ने बगावत कर चाचा रशीद का साथ छोड़ दिया था।
सपा से लोकसभा का टिकट लेकर सहारनपुर सीट से तैयारी की थी। मगर, चाचा रशीद मसूद ने फिर से पटखनी देकर बेटे शाजान को सपा का टिकट दिला दिया था। इसके बाद इमरान मसूद कांग्रेस में चले गए थे। अब विधानसभा चुनाव से पहले इमरान के परिवार में बगावत सियासी हलके में चर्चा का विषय बनी है। देखना होगा कि बगावत का क्या नतीजा होगा।