डेयरी पर काम करने वाले नौकर का शव प्रद्युम्न नगर के मकान में खिड़की पर बंधे फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के मुंह पर टेप चिपकी मिली। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
मूल रूप से लखनऊ का रहने वाला प्रेम (40) पिछले करीब 12 साल से गंगा डेयरी पर काम करता था। डेयरी स्वामी ने उसे प्रद्युम्न नगर स्थित अपने घर में एक कमरा दिया हुआ था। शादी न होने की वजह से प्रेम अकेला ही रहता था। मंगलवार को प्रेम का शव कमरे में लगी खिड़की से बंधे फंदे पर लटका मिला।
मकान मालिक की सूचना पर चौकी सिविल लाइन और थाना सदर पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फंदे पर लटके प्रेम के मुंह पर टेप लगी थी। ऐसे में पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। साथ ही प्रेम के परिजनों से भी संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
शराब की लत ने कर दिया था खोखला
गंगा डेयरी के मालिक अनिल अग्रवाल ने बताया कि प्रेम 12 साल से उनके यहां काम कर रहा था, जो परिवार के सदस्य की तरह था। गलत संगत की वजह से वह शराब पीने का आदी बन गया था। उसे कई बार शराब छोड़ने को कहा गया मगर वह नहीं माना। मंगलवार को जब वह कमरे से बाहर नहीं निकला तो उसका कमरा खुलवाने का प्रयास किया गया। मगर अंदर कोई हलचल न होते देख शक हुआ। इसके बाद पुलिस को मौके पर बुलवाकर कमरा खुलवाया गया। अंदर देखा तो प्रेम फंदे से लटका मिला।
दस पन्नों का नोट मिला
प्रेम के कमरे से पुलिस को दस पन्नों का नोट लिखा मिला है। हालांकि उसमें आत्महत्या के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। न ही आत्म हत्या करने का कोई जिक्र किया गया है। प्रेम ने नोट में अपने पूर्व के कार्यों और लखनऊ में रहने का जिक्र किया गया है। कोतवाली सदर प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने भी नोट में कोई वैसी बात न लिखी होने की बात कही।
प्रथम दृष्टया नौकर प्रेम की मौत आत्महत्या लग रही है। मुंह पर टेप लगी थी, मगर यदि कोई वैसी बात होती तो उसके हाथ भी बंधे होते। फिर भी हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कोई बात कह सकेंगे।
- मुनेंद्र सिंह, प्रभारी, सदर कोतवाली।