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Saharanpur News: सात ब्लॉकों में भूजल संचयन में सुधार, चार में सिर्फ प्रयास

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सहारनपुर। वर्षा जल संचयन के प्रयास जिले के चार ब्लॉकों में सफल नहीं हो रहे हैं। वर्ष 2020 से 2024 के आंकड़ों पर नजर डालें तो मानसूनी बारिश के बाद भी चार ब्लॉक अतिदोहित की श्रेणी में हैं, जबकि बाकी बचे सात ब्लॉकों में हालात कुछ ठीक है।



दरअसल, जिले में भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। बारिश के पानी को बर्बाद होने से बचाने के लिए सरकारी कार्यालयों और इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों पर से कब्जे हटाए जा रहे हैं। नए अमृत तालाब सरकार की तरफ से बनवाए जा रहे हैं। इसी की नतीजा है कि जिले के कुछ ब्लॉकों में जलस्तर मामूली सुधरा है, लेकिन कुछ ब्लॉकों में स्थिति जस की तस है। यदि पिछले पांच साल के मानसून से पहले और बाद के जलस्तर पर नजर डालें तो सात ब्लॉक में सुधार लगता है।
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- इन चार ब्लॉक में स्थिति चिंताजनक

गंगोह में 1.19, नागल में 1.54, नकुड़ में .25 और सरसावा में 0.54 सेंटीमीटर जलस्तर घटा है। सरसावा ब्लॉक में पांच सालों में मानसून के बाद भू जलस्तर बढ़ने की बजाय करीब आधा मीटर कम हो गया है। पहले साफ है यहां पर वर्षा का जल धरती की कोख में नहीं जा पा रहा है।
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- इन ब्लॉक की स्थिति बेहतर

जिले के 11 में से सात ब्लॉक की स्थिति बेहतर है। इनमें बलियाखेड़ी में मानसून से पहले जल स्तर में पांच सालों में 1.92 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। इसी तरह गंगोह में 1.19, मुजफ्फराबाद में 1.22, नागल में 1.54, नकुड़ में 0.25, नानौता में 0.21, पुंवारका में 0.23, रामपुर मनिहारान में 0.70 सेंटीमीटर जल स्तर बढ़ा है।


-वर्जन

जिले में भूजल संचयन के बेहतर प्रबंधन के प्रयास किए जा रहे हैं। चार ब्लॉक अतिदोहित की श्रेणी में हैं। सात ब्लॉकों में स्थिति सुधरी है।
- आशीष कुमार चौधरी, अधिशासी अभियंता भूजल विभाग
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