अवैध निर्माणों और कालोनियों के विरुद्ध विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई तेज करते हुए शनिवार को एक अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कराया। टीम ने यहां जेसीबी से अवैध निर्माण, सड़कों और बिजली के खंभों को उखड़वाया।
बेहट रोड स्थित गांव नाजिरपुरा में कई साल से बगैर अनुमति के प्लाटिंग हो रही है। प्राधिकरण की जांच में यहां 15 बीघा जमीन पर अवैध रूप से प्लाटिंग किए जाने का मामला सामने आया था। कालोनी में सड़कों के लिए पत्थर बिछाए गए थे। सड़कों पर बिजली के पोल भी गाड़ दिए गए थे। अनेक लोगों द्वारा मकानों का निर्माण कराया जा रहा था।
प्राधिकरण की टीम ने 18 अप्रैल 2017 को कालोनाइजर मोहम्मद कासिब और जुनैद को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर कालोनी को स्वयं ध्वस्त करने के आदेश जारी किए थे। अन्यथा की स्थिति में प्राधिकरण द्वारा कालोनी को ध्वस्त करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद कालोनाइजर ने निर्माण और कालोनी को ध्वस्त नहीं किया।
शनिवार को प्राधिकरण की टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण, कालोनी में सड़कों के लिए बिछाए गए पत्थर और बिजली के खंभों को उखाड़ दिया। इस दौरान लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
प्राधिकरण की टीम के साथ भारी पुलिस बल भी था।
इस वजह से किसी तरह का विरोध नहीं हो सका। कालोनी को ध्वस्त कराने वाली टीम में सहायक अभियंता एपीएन सिंह, अवर अभियंता विजयपाल सिंह, सब इंस्पेक्टर मुकेश दिनकर, मेट लालबहादुर, अमरनाथ आदि शामिल रहे।
ध्वस्त करने से पहले भेजा था नोटिस
गांव नाजिरपुरा में मढ़ रोड पर 15 बीघा जमीन में प्लाटिंग की जा रही थी, जिसकी कोई स्वीकृति प्राधिकरण से नहीं ली गई थी। कालोनाइजर्स को नोटिस भेजकर कालोनी को ध्वस्त कराने के आदेश जारी किए गए थे, मगर उन्होंने नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया। ऐसे में प्राधिकरण की टीम ने शनिवार को जेसीबी मशीन से कालोनी को ध्वस्त कराया।
- सत्यप्रकाश शर्मा, सचिव, विकास प्राधिकरण।