सहारनपुर। इलाज में थोड़ी सी लापरवाही से डेंगू खतरनाक साबित हो सकता है। जान भी जा सकती है। जिले के 40 से अधिक कॉलोनी व गांव संवेदनशील हैं, जिनमें डेंगू का खतरा ज्यादा है। पिछले साल डेंगू के 128 मरीज मिले थे। इस साल अभी तक डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है।
डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए शुक्रवार को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाएगा। जिले में पिछले कुछ सालों से डेंगू के मरीजों की संख्या घटी है, साथ ही डेंगू से होने वाली मौत पर काफी हद तक अंकुश लगा है। बारिश होने के बाद डेंगू फैलना शुरू हो जाता है। इस साल बारिश अधिक होने की आशंका जताई जा रही है। इसके चलते डेंगू जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी बढ़ गया है। वर्ष 2019 से अब तक डेंगू के करीब 1484 मरीज मिल चुके हैं।
मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सीएचसी पर बेड आरक्षित किए गए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने बताया कि इस साल अभी तक डेंगू का कोई मामला नहीं आया है। शुक्रवार को जनमंच प्रेक्षागृह में नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त गोष्ठी होगी, जिसमें कार्ययोजना बनाई जाएगी।
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किस साल कितने डेंगू मरीज मिले
वर्ष मिले मरीज
2019 276
2020 21
2021 453
2022 168
2023 438
2024 128
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डेंगू के लक्षण
- तेज बुखार।
- त्वचा पर चकत्ते।
- सिर में तेज दर्द
- पीठ में दर्द।
- आंखों में दर्द।
- मसूड़ों से खून बहना।
- नाक से खून बहना।
- जोड़ों में दर्द।
- उल्टी, डायरिया।
ऐसेे करें बचाव
- कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी के बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान आदि प्रति सप्ताह खाली करें।
- टूटे हुए बर्तन, टायरों में पानी जमा न होने दें।
- घरों के दरवाजे व खिड़कियों में जाली, पर्दे लगाएं।
- दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
- घर के आसपास साफ सफाई करें, फॉगिंग करवाएं।