देवबंद। रमजान के मुबारक महीने में रोजेदारों को शरीयत से जुड़ी कई अहम बातें जानने की जरूरत होती है। रोजेदारों की सहूलियत के लिए जमीयत दावतुल मुसलीमीन ने हेल्पलाइन शुरू की हुई है। एक सवाल पर उलमा ने साफ कहा कि अगर रोजे की हालत में नाक में दवा डाली तो रोजा टूट जाएगा।
n सवाल : बिजनौर निवासी अफनान ने पूछा कि अगर कोई व्यक्ति बिना किसी उजर (मजबूरी) के रोजा तोड़ दे तो शरीयत का क्या हुक्म है।
n जवाब : ऐसा करना गलत और नाजायज है, यह न केवल अल्लाह की नाफरमानी है, बल्कि रोजे का हक पूरा न करने के बराबर है। ऐसे व्यक्ति को अल्लाह से सच्चे दिल से तौबा करनी चाहिए और रोजे की कज़ा के साथ कफ्फारा (प्रायश्चित का एक रूप) भी अदा करना होगा।
n सवाल : देवबंद निवासी जावेद ने पूछा कि क्या रोजे की हालत में सिर, दाढ़ी या मूंछों के बाल कटवा सकते हैं।
n जवाब : रोजे की हालत में बाल काटने से रोजा नहीं टूटता। यह एक आम अमल है और इसे करने की इजाजत है।
n सवाल : सहारनपुर के इंद्रा चौक निवासी शराफत ने मालूम किया कि उनकी दो गाड़ियां किराए पर चलती हैं। क्या इन गाड़ियों पर जकात अदा करनी होगी।
n जवाब : शरीयत के मुताबिक किराए पर चलने वाली गाड़ी पर जकात नहीं होती। हां, जो किराया हासिल हो रहा है, अगर वह साढ़े बावन तौला चांदी की कीमत तक पहुंच जाए, तो उस पर जकात अदा करनी होगी।
n सवाल : देवबंद निवासी जाहिद हसन ने पूछा कि उन्हें नाक में तकलीफ है, जिस वजह से उन्हें दवा डालनी पड़ती है। क्या रोजे की हालत में ऐसा करना सही है।
n जवाब : रोजे की हालत में नाक में दवा डालने से रोजा टूट जाएगा। इसलिए कोशिश करें कि रोजा इफ्तार के बाद दवा का इस्तेमाल करें। अगर बीमारी इतनी गंभीर हो कि बिना दवा के न रहा जा सके, तो रोजे की कज़ा करनी होगी।